पिता की पुण्यतिथि पर श्रीराम कथा कराने का लिया था संकल्प, पुत्र विशाल चौधरी ने मुख्य यजमान के रूप में निभाई जिम्मेदारी; जनकल्याण यज्ञ और भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
गंगोह, सहारनपुर। सहारनपुर जिले के गंगोह नगर स्थित प्रभा गार्डन में पूर्व विधायक स्वर्गीय डॉ. सुशील चौधरी की पावन स्मृति में आयोजित श्रीराम कथा का धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण में भव्य समापन हो गया। कथा के समापन अवसर पर विशाल जनकल्याण यज्ञ और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-कीर्तन और प्रभु श्रीराम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान पूर्व विधायक स्वर्गीय डॉ. सुशील चौधरी के सुपुत्र विशाल चौधरी रहे। उन्होंने अपने पिता की पुण्यतिथि पर श्रीराम कथा का आयोजन कराने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ कथा का आयोजन कराया गया। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और स्वर्गीय डॉ. सुशील चौधरी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

पिता की पुण्यतिथि पर श्रीराम कथा कराने का लिया था संकल्प
कार्यक्रम के मुख्य यजमान विशाल चौधरी ने बताया कि उन्होंने अपने पूज्य पिता स्वर्गीय डॉ. सुशील चौधरी की पुण्यतिथि पर श्रीराम कथा आयोजित कराने का संकल्प लिया था। इस आयोजन के माध्यम से उन्होंने अपने पिता की स्मृति को नमन करते हुए धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण में श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के आदर्शों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।
विशाल चौधरी ने कहा कि श्रीराम कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणा भी है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें माता-पिता के प्रति सम्मान, परिवार के प्रति कर्तव्य, समाज के प्रति जिम्मेदारी और सत्य के मार्ग पर चलने की शिक्षा देता है। उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में प्रेम, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में संस्कारों और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देते हैं। श्रीराम कथा के माध्यम से लोगों को मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
जनकल्याण यज्ञ में श्रद्धालुओं ने की सहभागिता
श्रीराम कथा के समापन पर विशाल जनकल्याण यज्ञ का आयोजन किया गया। धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुए इस अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और जनकल्याण की कामना की। यज्ञ स्थल पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। उपस्थित लोगों ने प्रभु श्रीराम का स्मरण करते हुए धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय डॉ. सुशील चौधरी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। आयोजन उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ-साथ धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सद्भाव को आगे बढ़ाने का माध्यम बना।

भव्य भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
कथा समापन के अवसर पर आयोजित भव्य भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं की भागीदारी से आयोजन स्थल पर विशेष रौनक देखने को मिली। धार्मिक कार्यक्रम के समापन पर लोगों ने एक-दूसरे के साथ सहभागिता करते हुए प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सराहना की।
प्रभा गार्डन में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रीराम कथा, जनकल्याण यज्ञ और भंडारे के माध्यम से धार्मिक आस्था का संदेश दिया गया। पूरे आयोजन में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा।
स्वास्तिक महाराज की बाइट भी रही महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के संबंध में स्वास्तिक महाराज की बाइट भी ली गई। श्रीराम कथा के समापन, धार्मिक आयोजन के महत्व और भगवान श्रीराम के आदर्शों से जुड़े विचारों को लेकर उनका वक्तव्य समाचार की प्रमुख सामग्री का हिस्सा रहेगा।
गंगोह में आयोजित इस श्रीराम कथा का समापन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। मुख्य यजमान विशाल चौधरी ने अपने पिता स्वर्गीय डॉ. सुशील चौधरी की स्मृति में कथा आयोजन का संकल्प पूरा किया। समापन पर आयोजित जनकल्याण यज्ञ और भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।







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