,

उत्तराखंड के युवाओं में उद्यमिता की नई उड़ान, 700 से बढ़कर 1700 के पार पहुंचे स्टार्टअप; सीएम धामी ने की नवाचारकर्ताओं की सराहना

उत्तराखंड के युवाओं में उद्यमिता की नई उड़ान, 700 से बढ़कर 1700 के पार पहुंचे स्टार्टअप; सीएम धामी ने की नवाचारकर्ताओं की सराहना

‘विकसित उत्तराखंड–यात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम में उद्यमियों, किसानों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों से मिले मुख्यमंत्री; सौर ऊर्जा से लेकर औषधीय खेती और वैश्विक रोजगार तक की सफलता की कहानियां आईं सामने

देहरादून। उत्तराखंड में युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और स्वरोजगार की ताकत प्रदेश के विकास को नई दिशा दे रही है। कोई सौर ऊर्जा से चलने वाली कार तैयार कर रहा है, तो कोई एक गाय से डेयरी व्यवसाय शुरू करके उसे आगे बढ़ा रहा है। कहीं औषधीय पौधों की खेती से ग्रामीणों की आय बढ़ रही है, तो कहीं स्थानीय उत्पादों के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। प्रदेश में सामने आ रही ऐसी ही प्रेरणादायक कहानियों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण में युवाओं, उद्यमियों, किसानों और नवाचारकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘विकसित उत्तराखंड–यात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों से बातचीत की। इस दौरान उद्यमियों, प्रगतिशील किसानों, नवाचारकर्ताओं और स्वरोजगार से जुड़े प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेशवासियों की मेहनत, प्रतिभा और नए प्रयोग करने की सोच उत्तराखंड की विकास यात्रा को गति दे रही है।

नियोजन विभाग और देवभूमि डायलॉग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में स्टार्टअप, पर्यटन, ऊर्जा, कृषि, स्थानीय उत्पादों, समावेशी शिक्षा और वैश्विक रोजगार जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

उत्तराखंड के युवाओं में उद्यमिता की नई उड़ान, 700 से बढ़कर 1700 के पार पहुंचे स्टार्टअप; सीएम धामी ने की नवाचारकर्ताओं की सराहना

पांच साल में 700 से बढ़कर 1700 के पार पहुंचे स्टार्टअप

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तराखंड लगातार आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है, लेकिन इस यात्रा को सफल बनाने में युवाओं की प्रतिभा और उद्यमशीलता की अहम भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड में स्टार्टअप की संख्या लगभग 700 से बढ़कर 1700 से अधिक हो गई है। यह राज्य में उद्यमिता और नवाचार के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा कृषि, तकनीक, उद्योग और दूसरे क्षेत्रों में नए प्रयोग कर रहे हैं। इनमें से कई युवा न केवल अपना व्यवसाय स्थापित कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि स्वरोजगार को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है। इसके लिए युवाओं को अपनी प्रतिभा और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए नए व्यवसायों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

पर्यटन और ऊर्जा में विकास की अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के गठन के समय पर्यटन और ऊर्जा को राज्य के विकास के प्रमुख आधारों के रूप में देखा गया था। आज पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन इस क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं अभी भी व्यापक हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन स्थलों के कारण पर्यटन से जुड़े कारोबार को आगे बढ़ाने के अनेक अवसर मौजूद हैं। स्थानीय युवाओं को होमस्टे, पर्यटन सेवाओं, स्थानीय उत्पादों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से अपनी आजीविका मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।

ऊर्जा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। अनेक ऊर्जा परियोजनाओं पर काम चल रहा है और जलविद्युत उत्पादन की संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

एक गाय से शुरू हुआ डेयरी व्यवसाय, अब पांच बद्री और आठ देशी गाय

संवाद कार्यक्रम में उत्तरकाशी के जयप्रकाश ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक गाय से डेयरी व्यवसाय शुरू किया था। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने अपने कारोबार का विस्तार किया और अब उनके पास पांच बद्री गाय तथा आठ देशी गाय हैं।

उनकी कहानी इस बात का उदाहरण बनकर सामने आई कि सीमित संसाधनों से शुरू किया गया काम भी मेहनत, अनुभव और उचित सहयोग के जरिए आगे बढ़ाया जा सकता है।

वहीं, चम्पावत के राहुल नरियाल ने मुख्यमंत्री को सौर ऊर्जा और बैटरी से चलने वाली कार तैयार करने के अपने प्रयासों के बारे में बताया। उनके नवाचार ने तकनीक और वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में स्थानीय प्रतिभा की संभावनाओं को सामने रखा।

गुच्छी मशरूम और औषधीय खेती से ग्रामीणों को रोजगार

पौड़ी जनपद के नवीन पटवाल ने गुच्छी मशरूम के व्यावसायिक उत्पादन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके प्रयासों से इस क्षेत्र में अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

चमोली के डॉ. हरपाल नेगी ने घेस क्षेत्र में कुटकी जैसी औषधीय वनस्पतियों की खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों के बारे में बताया। उनके अनुसार, स्थानीय लोगों को इस कार्य से जोड़ने के बाद अब 300 से अधिक लोग इससे जुड़े हैं और सामूहिक रूप से लगभग डेढ़ से दो करोड़ रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं।

चमोली के ही राजेश ने गांव लौटकर रिवर्स पलायन की मिसाल पेश की है। उन्होंने रोजमेरी और अन्य हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में काम शुरू किया है तथा स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया है।

इन उदाहरणों से यह सामने आया कि उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों पर आधारित व्यवसाय आजीविका के नए अवसर तैयार कर सकते हैं।

10 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर तक पहुंचा स्टार्टअप

ऊधमसिंह नगर के विकास कुमार शाह ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ स्टार्टअप के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और उनका कारोबार 10 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर तक पहुंच चुका है।

उनकी उपलब्धि ने कार्यक्रम में उद्यमिता के विस्तार और कारोबार को बड़े स्तर तक ले जाने की संभावनाओं को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे प्रतिभागियों के अनुभवों को सुना और उनके प्रयासों की सराहना की।

नैनीताल की कमला देवी ने भी अपनी मेहनत से स्वरोजगार की मिसाल पेश की। उन्होंने बताया कि वह वाहनों के टायरों की मरम्मत का काम करके अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। उनका उदाहरण बताता है कि पारंपरिक रूप से पुरुषों से जुड़े माने जाने वाले कामों में भी महिलाएं अपनी पहचान बना सकती हैं।

विदेश में काम कर रहे उत्तराखंड के युवा ने गांव के विकास की जताई इच्छा

कार्यक्रम में सिंगापुर से वर्चुअल माध्यम से जुड़े चम्पावत जनपद के टनकपुर मूल निवासी शैलेश ने सीवरेज जल शोधन के क्षेत्र में अपने काम की जानकारी दी। उन्होंने चम्पावत के एक गांव को गोद लेकर उसके विकास में सहयोग देने की इच्छा भी व्यक्त की।

वहीं, सोमेश्वर के ललित खाती ने एकीकृत कृषि प्रणाली के जरिए किए जा रहे कार्यों और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के प्रयासों को साझा किया। इन अनुभवों से यह संदेश उभरा कि प्रदेश से बाहर रहकर भी लोग अपने गृह क्षेत्र के विकास में योगदान देने की इच्छा रखते हैं।

विशेष जरूरतों वाले बच्चों की शिक्षा से लेकर जर्मनी में रोजगार तक की कहानियां

संवाद कार्यक्रम में समावेशी शिक्षा और वैश्विक रोजगार से जुड़ी उपलब्धियां भी सामने आईं। वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं अनीता शर्मा थपलियाल ने ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने देहरादून में विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।

वहीं, मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत जर्मनी में रोजगार प्राप्त करने वाली टिहरी जनपद की सपना राणा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से जर्मन भाषा का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें जर्मनी में नर्सिंग के क्षेत्र में काम करने का अवसर मिला।

यह उदाहरण कौशल विकास, भाषा प्रशिक्षण और विदेश में रोजगार के अवसरों के बीच संबंध को सामने लाता है।

पिरूल, बागवानी और मोटे अनाज से भी रोजगार के प्रयास

कार्यक्रम में पिरूल से उपयोगी उत्पाद तैयार करने वाली गीता पंत और सुमन पांथरी ने अपने काम के बारे में जानकारी दी। बागवानी के क्षेत्र में सक्रिय महाबल नेगी तथा मोटे अनाज से बने उत्पादों की बेकरी संचालित करने वाली कल्पना बिष्ट ने भी अपने अनुभव साझा किए।

इन प्रयासों के जरिए स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक उत्पादों को आजीविका से जोड़ने की संभावनाएं सामने आईं। पिरूल, मोटे अनाज, औषधीय पौधों और बागवानी जैसे क्षेत्रों में नए प्रयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उपयोगी हो सकते हैं।

युवाओं और उद्यमियों के प्रयासों को बताया प्रेरणादायक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे ऐसे कार्य दूसरे लोगों के लिए भी प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय उत्पादों और युवाओं की प्रतिभा के माध्यम से आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार के लिए बेहतर अवसर मिलें, जिससे वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकें।

कार्यक्रम के दौरान देवभूमि डायलॉग के संपादक रमेश भट्ट ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं की उपलब्धियों पर आधारित वीडियो प्रस्तुतीकरण भी दिया।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर अवधूत गिरि महाराज, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु और डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय और सी. रविशंकर, अपर सचिव एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, सीपीपीजीजी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, ‘विकसित उत्तराखंड–यात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम में सामने आईं सफलता की कहानियों ने दिखाया कि स्टार्टअप, कृषि, पर्यटन, ऊर्जा, कौशल विकास और स्थानीय उत्पादों के जरिए प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार की नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं। राज्य के युवाओं और उद्यमियों की भागीदारी विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Author

https://m7.media9news.com/media9/hls/jnnews.m3u8

Latest Posts

Categories