मसूरी। एमपीजी कॉलेज मसूरी में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया होल्ड किए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर एनएसयूआई, जौनपुर छात्र संगठन और मसूरी छात्र संगठन से जुड़े छात्रों ने कॉलेज परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। शुक्रवार देर रात शुरू हुआ यह धरना रातभर जारी रहा। वहीं, एनएसयूआई के वरिष्ठ नेता जगपाल गोसाईं और नगर अध्यक्ष दक्ष पवार अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए।
छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक कॉलेज में निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित नियमों के अनुसार छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने कॉलेज प्रशासन और स्थानीय प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इस आरोप पर कॉलेज प्रशासन और स्थानीय प्रशासन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

नामांकन निरस्त होने के बाद बढ़ा विवाद
एमपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया के तहत नामांकन पत्रों की जांच के दौरान एबीवीपी से जुड़े तीन प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त किए गए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ये नामांकन उपाध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष पद से संबंधित थे। नामांकन निरस्त होने के बाद कॉलेज परिसर में विरोध और नारेबाजी शुरू हो गई।
आंदोलन कर रहे छात्र नेताओं का कहना है कि नामांकन पत्रों की जांच लिंगदोह समिति की सिफारिशों और निर्धारित चुनाव नियमों के आधार पर की गई थी। उनके मुताबिक, तीन नामांकन निरस्त होने के बाद संबंधित पदों पर एक-एक प्रत्याशी ही मैदान में रह गया था। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बजाय उसे होल्ड किए जाने को लेकर छात्र संगठनों ने सवाल उठाए हैं।
वहीं, कॉलेज प्रशासन की ओर से पहले कहा गया है कि पूरे घटनाक्रम से विश्वविद्यालय के कुलपति को अवगत कराया गया है और आगे की कार्रवाई विश्वविद्यालय से मिलने वाले निर्देशों के आधार पर की जाएगी।

रातभर कॉलेज परिसर में जारी रहा धरना
चुनाव प्रक्रिया को होल्ड किए जाने के विरोध में छात्र नेता और उनके समर्थक कॉलेज के सभागार में धरने पर बैठ गए। छात्रों ने चुनाव प्रक्रिया को जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
आंदोलनकारियों का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव छात्रों की लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़ा विषय है और इसे पारदर्शी तरीके से कराया जाना चाहिए। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले को स्पष्ट करते हुए नियमानुसार चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
दो नेता अनिश्चितकालीन अनशन पर
आंदोलन के दौरान एनएसयूआई के वरिष्ठ नेता जगपाल गोसाईं और नगर अध्यक्ष दक्ष पवार अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए। दोनों नेताओं का कहना है कि जब तक चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती और निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराने की दिशा में कदम नहीं उठाया जाता, उनका अनशन जारी रहेगा।
छात्र नेताओं ने कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और कॉलेज प्रशासन से बातचीत के जरिए समाधान की उम्मीद है।

हाईकोर्ट जाने की भी दी चेतावनी
छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर छात्रसंघ चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई और चुनाव नहीं कराए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्र नेताओं ने जरूरत पड़ने पर पूरे मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात भी कही है।
आंदोलनकारियों ने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील पंवार और कॉलेज के प्रशासक एसडीएम राहुल आनंद से लिंगदोह समिति की सिफारिशों एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की है।
कॉलेज प्रशासन के अगले कदम पर नजर
एमपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव को लेकर पहले से ही विभिन्न छात्र संगठनों के बीच राजनीतिक सरगर्मियां तेज थीं। अब नामांकन निरस्त होने और चुनाव प्रक्रिया होल्ड किए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया है।
कॉलेज प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति को दिए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में अब छात्रों के आंदोलन के बीच विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन के अगले निर्णय पर सभी की नजर है। फिलहाल कॉलेज परिसर में छात्रों का धरना और दो नेताओं का अनशन जारी है।







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