ग्यालशिंग, सिक्किम। सिक्किम में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक बार फिर भूस्खलन ने तबाही मचा दी है। पश्चिम सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के रिम्बी गांव में भारी बारिश के बाद पहाड़ से बड़ी मात्रा में मिट्टी, चट्टान और मलबा नीचे की ओर आ गया। मलबे और पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से कई मकानों और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह है कि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
रिपोर्टों के मुताबिक, लगातार बारिश के बीच रिम्बी गांव में भूस्खलन की घटना सामने आई। पहाड़ी क्षेत्र से अचानक बड़ी मात्रा में मलबा नीचे की ओर आया, जिसकी चपेट में आसपास के इलाके आ गए। मलबे में मिट्टी और चट्टानों के साथ पानी का तेज बहाव भी शामिल था। सामने आए वीडियो में पहाड़ी से मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आते हुए दिखाई दे रहा है, जिससे इलाके में भूस्खलन की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

7 मकान और बिजली विभाग के 6 क्वार्टर क्षतिग्रस्त
भूस्खलन के कारण रिम्बी गांव में 7 मकानों और बिजली विभाग के 6 क्वार्टरों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। कई जगहों पर मलबा जमा होने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के कारण पहले से अस्थिर पहाड़ी ढलानों पर खतरा और बढ़ गया है।
रिम्बी और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से भूस्खलन की गतिविधियां देखी जा रही हैं। सिक्किम सरकार और जिला प्रशासन पहले से ही संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सितंबर के मध्य में भारी बारिश और बाढ़ के बाद रिम्बी में 28 घरों से जुड़े 128 लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया था। इन लोगों को रिम्बी ग्राम पंचायत केंद्र में शिफ्ट किया गया था।
पहले से सक्रिय था भूस्खलन का खतरा
रिम्बी-सिंगलिटाम क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा अचानक पैदा नहीं हुआ है। सिक्किम सरकार के अनुसार अगस्त से ही इस क्षेत्र में भूस्खलन की गतिविधियां लगातार चिंता का विषय बनी हुई थीं। अगस्त में रिम्बी और सिंगलिटाम के कई परिवार प्रभावित क्षेत्र में आने के कारण प्रशासन की निगरानी में थे। इसके बाद सितंबर में भारी बारिश के कारण स्थिति और गंभीर हुई।
14 सितंबर को भी प्रशासन ने रिम्बी के सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र का निरीक्षण किया था। उस समय संभावित खतरे को देखते हुए प्रभावित और संवेदनशील परिवारों के लिए राहत शिविर स्थापित करने का फैसला लिया गया था। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई थी।

लगातार बारिश ने बढ़ाई चिंता
सिक्किम के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार बारिश का पानी जब मिट्टी और चट्टानों के भीतर पहुंचता है तो ढलान की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। पहले से कमजोर और अस्थिर पहाड़ी ढलानों पर लगातार बारिश होने की स्थिति में मलबा नीचे की ओर खिसकने का खतरा बढ़ जाता है। रिम्बी में पिछले कुछ सप्ताह से बनी स्थिति को इसी व्यापक भूस्खलन जोखिम से जोड़कर देखा जा रहा है।
ताजा घटना के बाद प्रशासन की चुनौती केवल राहत और बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि आगे होने वाले संभावित भूस्खलन से लोगों को सुरक्षित रखना भी है। अधिकारियों द्वारा संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक राहत एवं सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने रिम्बी में हुई घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने, हालात पर लगातार नजर रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों से भी सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें आवश्यक राहत उपलब्ध कराना है। वहीं, लगातार बारिश के बीच क्षेत्र में दोबारा भूस्खलन की आशंका को देखते हुए संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाई गई है।

सड़क संपर्क पर भी पड़ा असर
रिम्बी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। इससे पहले सितंबर की शुरुआत में इसी क्षेत्र में हुए बड़े भूस्खलन के कारण गैजिंग-पेलिंग-युक्सोम मार्ग (स्टेट हाईवे-27) पर यातायात बाधित हुआ था। भारी मात्रा में मलबा और पानी सड़क पर आने से सड़क संपर्क प्रभावित हुआ था। बाद में संबंधित विभागों और राहत दलों की मदद से सड़क को बहाल किया गया।
ताजा भूस्खलन के बाद एक बार फिर क्षेत्र की सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ गया है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति का आकलन कर रहे हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
लगातार बारिश और पहाड़ी ढलानों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को किसी भी तरह की खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
फिलहाल रिम्बी में राहत और सुरक्षा गतिविधियां जारी हैं। सबसे बड़ी राहत यह है कि ताजा घटना में अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन लगातार बारिश के कारण खतरा पूरी तरह टला नहीं है। ऐसे में प्रशासन की नजर रिम्बी और आसपास के संवेदनशील इलाकों पर बनी हुई है।






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