विकासनगर। बाबूगढ़ स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में खेलकूद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। प्रतियोगिता में विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ-साथ आसपास के विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने खो-खो, कबड्डी सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
खेलकूद कार्यक्रम के आयोजन को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही विद्यालय परिसर में अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले छात्र-छात्राओं की मौजूदगी रही। खेल मैदान में बच्चों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया। खो-खो और कबड्डी जैसी पारंपरिक भारतीय खेल प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी टीम भावना, शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का प्रदर्शन किया।

खेलों से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि एवं विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद के लिए भी प्रोत्साहित किया जाना बेहद जरूरी है। खेल बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ उनके मानसिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विधायक ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को खेलों के प्रति जागरूक करें और उन्हें नियमित रूप से खेल गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों में बचपन से ही खेलों के प्रति रुचि विकसित की जानी चाहिए, ताकि वे स्वस्थ रहने के साथ-साथ अनुशासन और टीम भावना को भी सीख सकें।
उन्होंने विशेष रूप से भारतीय पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। विधायक ने कहा कि खो-खो, कबड्डी जैसे खेल भारतीय संस्कृति और खेल परंपरा का हिस्सा रहे हैं। इन खेलों के प्रति बच्चों में रुचि पैदा करने की आवश्यकता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनमें प्रतियोगिता की भावना भी विकसित होती है।

खेल बच्चों को नशे से दूर रखने में भी मददगार
मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि खेलकूद का एक महत्वपूर्ण लाभ यह भी है कि इससे बच्चे स्वस्थ और सक्रिय रहते हैं। नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने वाले बच्चों का ध्यान सकारात्मक गतिविधियों की ओर रहता है। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से बच्चों को नशे जैसी गलत आदतों से दूर रखने में भी मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को मोबाइल और अन्य डिजिटल गतिविधियों से बाहर निकालकर मैदान तक लाना जरूरी है। खेलकूद बच्चों के लिए स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्कूलों और अभिभावकों को मिलकर इस दिशा में प्रयास करने चाहिए, ताकि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेलों के लिए भी बेहतर वातावरण मिल सके।
छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बांधा समां
खेल प्रतियोगिताओं के साथ कार्यक्रम में विद्यालय की बालिकाओं की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम और नृत्य प्रस्तुतियां भी दी गईं। छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और कला की झलक पेश की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के लिए मौजूद लोगों और विद्यार्थियों ने तालियों के साथ प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम के दौरान खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का बेहतर समन्वय देखने को मिला। इससे विद्यार्थियों को अपनी अलग-अलग प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने का मंच भी मिला।

विजेता और प्रतिभागी बच्चों को किया सम्मानित
खेलकूद प्रतियोगिताओं के समापन के बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। बच्चों को पुरस्कार और सम्मान मिलने पर उनके चेहरे पर खुशी देखने को मिली। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और अतिथियों ने विद्यार्थियों को भविष्य में भी खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन, टीमवर्क और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना रहा। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के एक साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से उन्हें एक-दूसरे से सीखने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर भी मिला।
स्थानीय स्तर पर इस तरह के खेलकूद आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य लोगों की मौजूदगी रही।






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