महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा में खराब सड़क और जलभराव की समस्या को लेकर स्कूली छात्रों का गुस्सा सड़क पर देखने को मिला। रैपुरा कलां गांव के छात्रों ने बदहाल रास्ते से परेशान होकर झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर जाम लगा दिया। बारिश के बीच छात्रों के प्रदर्शन के कारण करीब तीन घंटे तक हाईवे पर आवागमन प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
छात्रों का आरोप है कि रैपुरा कलां गांव को जोड़ने वाला करीब तीन किलोमीटर लंबा रास्ता लंबे समय से बदहाल है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे, जलभराव और खुदाई होने के कारण स्कूली बच्चों को रोजाना आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि खराब सड़क के चलते आए दिन ई-रिक्शा और ऑटो पलटने की घटनाएं होती हैं, जिसमें कई बच्चे घायल भी हो चुके हैं।

खराब सड़क और जलभराव से परेशान छात्र
बरसात के मौसम में रैपुरा कलां को जोड़ने वाला रास्ता और भी खतरनाक हो गया है। सड़क पर पानी भरने के कारण गड्ढों का पता नहीं चलता, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। छात्रों का कहना है कि स्कूल जाने के दौरान उन्हें रोजाना इस समस्या से गुजरना पड़ता है।
छात्रों के मुताबिक, रैपुरा कलां के साथ-साथ मझलवारा, बनियातला और महानपुरा को जोड़ने वाला मार्ग भी बदहाली का शिकार है। ग्रामीणों और छात्रों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
दाल मिलों के वाहनों पर भी लगाए आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों और ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली के लिए क्षेत्र में संचालित दाल मिलों को भी जिम्मेदार ठहराया। छात्रों का आरोप है कि मिलों में आने-जाने वाले भारी और ओवरलोडेड ट्रकों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क की स्थिति खराब हुई है।
इसके अलावा छात्रों ने आरोप लगाया कि कुछ मिलों से निकलने वाला गंदा पानी भी सड़क पर बहाया जाता है, जिसके चलते रास्ते पर जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी रहती है। प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि जब ग्रामीण या छात्र इस समस्या का विरोध करते हैं तो उन्हें कथित तौर पर दबाव और धमकी का सामना करना पड़ता है।
हालांकि, मिल संचालकों की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर फिलहाल कोई पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में आरोपों की स्वतंत्र जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

तीन घंटे तक हाईवे पर रहा जाम
समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज छात्रों ने बारिश के बीच सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने लकड़ी और पत्थर रखकर झांसी-मिर्जापुर हाईवे को जाम कर दिया। जाम लगने के बाद हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारी छात्र सड़क की समस्या के स्थायी समाधान की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लेते, तब तक उनकी परेशानी दूर नहीं होगी।
पुलिस पर बदसलूकी का आरोप
प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस पर भी छात्रों के साथ कथित बदसलूकी और उन्हें घसीटकर जाम खुलवाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अपनी बुनियादी मांग को लेकर बारिश में सड़क पर बैठे छात्रों के साथ पुलिस को संवेदनशील तरीके से बातचीत करनी चाहिए थी।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई?
छात्रों का कहना है कि सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों और छात्रों की ओर से कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई।
छात्रों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सड़क की मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था तत्काल की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि लगातार अनदेखी के कारण आखिरकार उन्हें बारिश के बीच हाईवे पर उतरकर विरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
फिलहाल छात्रों के प्रदर्शन ने महोबा में ग्रामीण सड़कों की स्थिति, जलभराव और भारी वाहनों की आवाजाही से जुड़े सवालों को फिर सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और रैपुरा कलां समेत आसपास के गांवों को जोड़ने वाले बदहाल मार्ग की समस्या का स्थायी समाधान कब तक किया जाता है।





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