बाराबंकी, उत्तर प्रदेश। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देवा का औचक निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। डीएम के अचानक पहुंचने से अस्पताल प्रशासन में हलचल रही। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, मरीजों को मिल रहे उपचार, दवाओं की उपलब्धता और जांच सुविधाओं सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही देने के निर्देश
सीएचसी पहुंचने के बाद जिलाधिकारी ने सबसे पहले उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने ओपीडी कक्ष में जाकर चिकित्सकों द्वारा देखे गए मरीजों की संख्या और उन्हें दिए जा रहे उपचार की जानकारी ली। चिकित्सक ने बताया कि निरीक्षण के समय तक करीब 200 मरीजों को देखा जा चुका था।
इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मरीजों को यथासंभव अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी मरीज के उपचार के लिए अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के अलावा किसी अन्य औषधि की आवश्यकता हो तो अस्पताल परिसर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से उपलब्ध जेनेरिक दवाएं ही लिखी जाएं।
डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी मरीज को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर करना स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मरीजों से सीधे लिया स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीजों से भी बातचीत की। अपने नवजात बच्चे को दिखाने पहुंची प्रीति से डीएम ने बच्चे के उपचार और अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर यह जानने का प्रयास किया कि अस्पताल में उन्हें किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं और किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
एक्स-रे, एएनसी और विशेषज्ञ कक्षों का भी किया निरीक्षण
इसके बाद जिलाधिकारी ने सीएचसी के एक्स-रे कक्ष, एएनसी कक्ष, बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष और स्त्री रोग विशेषज्ञ कक्ष का निरीक्षण किया। स्त्री रोग विशेषज्ञ कक्ष में उन्होंने इस माह सीएचसी में हुए प्रसवों की संख्या और प्रसूताओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों से अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।

पैथोलॉजी में जांच व्यवस्था का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी पैथोलॉजी कक्ष भी पहुंचे। यहां उन्होंने मरीजों के पंजीकरण और विभिन्न प्रकार की जांचों की प्रक्रिया को देखा। इस दौरान ब्लड टेस्ट कराने पहुंचे विनय के पर्चे का भी जिलाधिकारी ने अवलोकन किया।
उन्होंने पैथोलॉजी में जांच के लिए इस्तेमाल होने वाले रिएजेंट की उपलब्धता और स्टॉक के बारे में जानकारी ली। डीएम ने निर्देश दिए कि रिएजेंट का स्टॉक खत्म होने से पहले ही उसकी मांग और आपूर्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि मरीजों की जांच प्रभावित न हो।
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और अस्पताल आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ मिलना चाहिए और दवाओं व जांच जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
डीएम के औचक निरीक्षण से सीएचसी देवा की व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति सामने आई। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के सामने अस्पताल में दवा, जांच और उपचार से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने की जिम्मेदारी है।
रिपोर्ट: संदीप वर्मा | बाराबंकी, उत्तर प्रदेश







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