हरिद्वार। महाशिवरात्रि के पावन अवसर के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा 2026 का लगभग सकुशल समापन हो गया। कांवड़ मेले के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से करोड़ों की संख्या में शिवभक्त हरिद्वार पहुंचे और हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। प्रशासन के अनुसार, इस बार करीब 4 करोड़ 80 लाख शिवभक्तों के हरिद्वार पहुंचने का अनुमान है।

जिलाधिकारी और एसएसपी ने हर की पौड़ी पर की पूजा-अर्चना
कांवड़ यात्रा के समापन अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ हर की पौड़ी पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद अधिकारियों ने गंगाजल भरा और कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
इस दौरान अधिकारियों ने कांवड़ मेले के सफल आयोजन और श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा के लिए भगवान महादेव का आशीर्वाद लिया।
मानसून की चुनौतियों के बीच सफल रहा कांवड़ मेला
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि इस वर्ष कांवड़ मेले के दौरान मानसून के चलते प्रशासन के सामने कई चुनौतियां थीं, लेकिन सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के चलते व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संभाला गया। पुलिस विभाग ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि बीती शाम तक कांवड़ यात्रियों की संख्या चार करोड़ के पार पहुंच चुकी थी। महाशिवरात्रि के दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर की पौड़ी और विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पहुंचे।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते रहे और उनके निर्देशों के अनुसार संबंधित विभागों ने आपसी समन्वय के साथ मेले को संपन्न कराया।

करीब 4.80 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि कांवड़ मेले के अंतिम आंकड़े शाम तक स्पष्ट होंगे, लेकिन अब तक के अनुमान के अनुसार करीब 4 करोड़ 80 लाख शिवभक्त हरिद्वार पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि अभी कुछ कांवड़ यात्री हरिद्वार से अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं, इसलिए आवाजाही पूरी तरह समाप्त होने तक व्यवस्थाएं जारी रहेंगी।
एसएसपी ने कहा कि पूरे कांवड़ मेले के दौरान पुलिस और प्रशासन को सकारात्मक फीडबैक मिला है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए कई स्तरों पर विशेष इंतजाम किए गए थे।
बड़े डीजल कांवड़ वाहनों पर रही सख्ती
एसएसपी ने बताया कि इस बार रेजिडेंशियल क्षेत्रों में डीजल से चलने वाले कांवड़ वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई। वहीं बॉर्डर पर निर्धारित मानकों से बड़े डीजल वाहनों को वापस किया गया। इस व्यवस्था से शहर के भीतर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में काफी मदद मिली।
उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले को सफल बनाने में पुलिस के साथ-साथ एसपीओ, व्यापार मंडल, धर्मशाला एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन और स्थानीय एवं निजी संस्थाओं का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। एसएसपी ने सभी सहयोगी संस्थाओं और लोगों का पुलिस परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया।

प्रशासन ने जताया सहयोग के लिए आभार
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद बेहतर समन्वय और व्यवस्थाओं के कारण कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में सफलता मिली। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों, व्यापारियों और विभिन्न संस्थाओं से मिले सहयोग की भी सराहना की।
महाशिवरात्रि के साथ कांवड़ यात्रा का मुख्य चरण भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन हरिद्वार में श्रद्धालुओं की आवाजाही अभी जारी है। प्रशासन ने अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अंतिम श्रद्धालु के सुरक्षित प्रस्थान तक व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।







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