हरिद्वार स्थित प्रेमनगर आश्रम में आयोजित प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य मोरारी बापू की श्रीराम कथा के समापन समारोह में मंगलवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों, सनातन संस्कृति और उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर बड़ा बयान देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
मोरारी बापू की कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार के प्रेमनगर आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने पूज्य मोरारी बापू की श्रीराम कथा के समापन समारोह में भाग लिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, सेवा और समर्पण का प्रतीक है तथा समाज को उनके आदर्शों पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लक्ष्य के साथ लगातार कार्य कर रही है और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा, हेमकुंड साहिब यात्रा और कैलाश मानसरोवर यात्रा में इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य में बेहतर व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने आगामी कुंभ-2027 को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

बद्रीनाथ धाम चढ़ावा प्रकरण पर सख्त रुख
कार्यक्रम के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर स्पष्ट और सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मंदिर से चढ़ावा चोरी करना अत्यंत गंभीर अपराध है और यह गौहत्या तथा माता-पिता की हत्या जैसे महापाप के समान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के साथ दान अर्पित करते हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति उस आस्था के साथ खिलवाड़ करता है तो उसे किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस अपनी जांच कर रही है और एक जांच समिति भी पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों की पवित्रता और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां स्थित मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। इसलिए धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आस्था की रक्षा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, पारदर्शी व्यवस्थाएं और श्रद्धालुओं की सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और धार्मिक स्थलों की गरिमा हर हाल में बनी रहे।
मुख्य बिंदु
- हरिद्वार के प्रेमनगर आश्रम में मोरारी बापू की श्रीराम कथा के समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री।
- उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
- चारधाम, हेमकुंड साहिब और कैलाश मानसरोवर यात्राओं में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं का किया उल्लेख।
- बद्रीनाथ धाम के कथित चढ़ावा प्रकरण पर कहा- “मंदिर से चोरी गौहत्या और माता-पिता की हत्या जैसा महापाप है।”
- पुलिस जांच और जांच समिति की कार्रवाई जारी, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा।






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