विकासनगर नगर क्षेत्र में फुटपाथों पर लगातार हो रहे अतिक्रमण और मुख्य सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तो होती है, लेकिन कुछ ही घंटों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।

फुटपाथों पर दुकानदारों का कब्जा, पैदल चलना हुआ मुश्किल
विकासनगर बाजार गंगोत्री-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाईवे) पर स्थित है, जहां दोनों ओर पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटपाथ बनाए गए हैं। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन फुटपाथों पर कई दुकानदारों ने सामान रखकर अवैध अतिक्रमण कर लिया है। इसके चलते पैदल चलने वाले लोगों को मजबूरन सड़क पर उतरकर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि फुटपाथों का निर्माण आम जनता की सुविधा के लिए किया गया था, लेकिन अतिक्रमण के कारण इनका उद्देश्य ही समाप्त होता जा रहा है।

मुख्य सड़क पर खड़े वाहन बन रहे जाम की वजह
स्थानीय लोगों ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले पिकअप और अन्य मालवाहक वाहन अक्सर सड़क के बीचों-बीच या किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित होता है और कई बार लंबा जाम लग जाता है। बाजार क्षेत्र में खरीदारी करने आने वाले लोगों और राहगीरों को भी इस अव्यवस्था के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
व्यस्त समय में सड़क पर खड़े वाहनों की वजह से यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाती है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों ने उठाए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल
स्थानीय निवासी राहुल ने बताया कि नगर पालिका और प्रशासन समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हैं, लेकिन यह कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है। जैसे ही प्रशासनिक टीम वापस लौटती है, दुकानदार दोबारा फुटपाथों पर अपना सामान रखकर कब्जा कर लेते हैं। उनका कहना है कि जब तक नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस समस्या का समाधान संभव नहीं है।
वहीं स्थानीय निवासी अरविंद शर्मा ने कहा कि पुलिस द्वारा समय-समय पर सड़क पर खड़े वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाती है, लेकिन इसका भी कोई स्थायी असर दिखाई नहीं देता। चालान के बावजूद कई वाहन चालक नियमों की अनदेखी करते हुए अपने वाहन सड़क पर ही खड़े कर देते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित होती रहती है।

स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकासनगर जैसे व्यस्त बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध पार्किंग की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। उन्होंने प्रशासन, नगर पालिका और पुलिस से संयुक्त अभियान चलाकर फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने, अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।
लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन केवल अभियान चलाने के बजाय स्थायी व्यवस्था लागू करे और नियमों का कड़ाई से पालन कराए, तो बाजार क्षेत्र में यातायात सुचारु होगा, पैदल यात्रियों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियां भी बेहतर ढंग से संचालित हो सकेंगी। फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।






Leave a Reply