रुद्रपुर में शनिवार को हुई महज दो घंटे की तेज बारिश ने नगर निगम और प्रशासन द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की पोल खोलकर रख दी। बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मुख्य बाजार, बाटा चौक, मुख्य चौक, डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क सहित कई प्रमुख स्थानों पर घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के कारण लोगों का आवागमन बाधित रहा, जबकि बाजार में पानी घुसने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा।

मुख्य बाजार बना तालाब, लोगों को हुई भारी परेशानी
बारिश शुरू होने के कुछ ही समय बाद शहर की सड़कों पर पानी भरना शुरू हो गया। देखते ही देखते मुख्य बाजार और आसपास के क्षेत्र तालाब में तब्दील हो गए। सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो जाने से वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दुकानों के बाहर और अंदर तक पानी पहुंच गया, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया और वे अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए।
व्यापारियों ने नगर निगम पर लगाए लापरवाही के आरोप
उद्योग व्यापार मंडल और व्यापारियों ने नगर निगम तथा प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा ने कहा कि शहर को स्मार्ट और आधुनिक बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में पूरी व्यवस्था चरमरा गई। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि मानसून के दौरान अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखें ताकि नुकसान से बचा जा सके।
संजय जुनेजा का कहना है कि जब शहर जलभराव की समस्या से जूझ रहा था, तब मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नजर नहीं आया। उनका आरोप है कि नगर निगम की ओर से समय रहते जल निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई।

नई सड़क बनी, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था नहीं
उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने बताया कि हाल ही में बाजार क्षेत्र में नई सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं किया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि बारिश का पूरा पानी सड़क पर जमा हो गया और बाजार जलमग्न हो गया।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय यदि जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जाएगा, तो हर बारिश में जनता और व्यापारियों को इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
जलभराव से कारोबार प्रभावित, व्यापारियों को हुआ नुकसान
बारिश के कारण कई दुकानों के बाहर और अंदर पानी भर गया, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। कई दुकानदारों को अपना सामान ऊंचे स्थानों पर रखना पड़ा, जबकि कुछ को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

बारिश थमने के बाद हरकत में आया नगर निगम
बारिश रुकने के बाद नगर निगम की टीमें जल निकासी और सफाई कार्य में जुटीं। जेसीबी मशीनों की मदद से नालियों की सफाई कर कचरा हटाया गया ताकि पानी की निकासी हो सके। हालांकि तब तक शहर का बड़ा हिस्सा जलभराव की चपेट में आ चुका था और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
नगर आयुक्त ने जल्द सामान्य स्थिति का दिया भरोसा
नगर आयुक्त शिप्रा जोशी ने कहा कि नगर निगम की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी का कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि नालियों की सफाई और पानी निकालने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है तथा जल्द ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि नालियों में कचरा न डालें, जिससे जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
मानसून से पहले उठे गंभीर सवाल
महज दो घंटे की बारिश में रुद्रपुर की यह स्थिति शहर की जल निकासी व्यवस्था और विकास कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि यदि अभी से यह हाल है, तो पूरे मानसून के दौरान शहर की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस समस्या का स्थायी समाधान निकालता है या फिर हर बारिश के साथ रुद्रपुर को जलभराव की मार झेलनी पड़ेगी।






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