मिर्जापुर जिले में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) हलिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, कर्मचारियों की उपस्थिति, दवा वितरण व्यवस्था तथा अभिलेखों की गहन जांच की गई।

एमओआईसी बिना अवकाश के मिले अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी (एमओआईसी) डॉ. अवधेश कुमार बिना किसी स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि वह सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना जिला मुख्यालय से बाहर रह रहे थे। इसे सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दवा वितरण व्यवस्था में मिली बड़ी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में दवाओं के रखरखाव और वितरण व्यवस्था में भी गंभीर कमियां मिलीं। दवा वितरण का कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड या इंडेक्स उपलब्ध नहीं था और न ही यह स्पष्ट हो पा रहा था कि किस मरीज को कौन-सी दवा वितरित की गई। इस लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और फार्मासिस्ट अजय कुमार कुशवाहा के विरुद्ध विभागीय जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल प्रशासन को दवा वितरण का पूरा रिकॉर्ड नियमित रूप से संधारित करने और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का उद्देश्य आम जनता को बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्राथमिक विद्यालय भटवारी का भी किया निरीक्षण
स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार एवं मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार ने प्राथमिक विद्यालय भटवारी का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा पठन-पाठन की व्यवस्था का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और प्रत्येक छात्र को बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव होती है, इसलिए शिक्षकों को पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। साथ ही विद्यालय में नियमित उपस्थिति, स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए।

प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे ताकि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। प्रशासन का कहना है कि निरीक्षण में सामने आई सभी कमियों को जल्द दूर कराया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।







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