पडरौना (कुशीनगर)। जिले के रविन्द्रनगर धूस थाना क्षेत्र में एक महिला ने पुराने दुष्कर्म मुकदमे की रंजिश को लेकर मारपीट, अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता न्याय की गुहार लगाते हुए अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रही है। स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने से परेशान महिला ने तहसील समाधान दिवस में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

खेत से लौटते समय रास्ते में रोककर मारपीट का आरोप
डुमसमार बाबू छपरा निवासी सुनीता देवी पत्नी अनिरुद्ध ने अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी राजू पुत्र राममिलन के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। पीड़िता का आरोप है कि इसी मुकदमे की रंजिश में 18 जून 2026 की सुबह करीब नौ बजे जब वह खेत से लौट रही थीं, तभी आरोपी की पत्नी दुर्गावती ने उन्हें रास्ते में रोककर गाली-गलौज शुरू कर दी।
कई लोगों ने मिलकर की मारपीट
महिला का आरोप है कि विरोध करने पर दुर्गावती ने शैल यादव, रामअवध और बरसाती को मौके पर बुला लिया। इसके बाद सभी लोगों ने मिलकर लाठी-डंडों, लात-घूंसों से मारपीट की। पीड़िता का कहना है कि मारपीट के दौरान उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए, जिससे उनकी लोकलज्जा भंग हुई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कराया।

मुकदमा वापस लेने का बनाया जा रहा दबाव
पीड़िता ने आरोप लगाया कि दुष्कर्म के मुकदमे को वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। महिला का कहना है कि आरोपियों ने मुकदमा वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी भी दी है। घटना के बाद उन्होंने अपना चिकित्सीय परीक्षण कराया और स्थानीय थाने में तहरीर भी दी, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्हें समाधान दिवस में शिकायत करनी पड़ी।
न्यायालय पहले ही दे चुका है मुकदमा दर्ज करने का आदेश
उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कुशीनगर राजन कुमार गौड़ ने 12 जून 2026 को पारित आदेश में सुनीता देवी की ओर से दायर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए थाना रविन्द्रनगर धूस पुलिस को आरोपी राजू समेत अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना करने के निर्देश दिए थे। न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले को संज्ञेय अपराध मानते हुए कार्रवाई के आदेश दिए थे।

कार्रवाई की मांग, जांच में जुटी पुलिस
पीड़िता ने समाधान दिवस अधिकारी से मांग की है कि दुर्गावती, शैल यादव, रामअवध और बरसाती के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
(नोट: आरोप और घटनाक्रम पीड़िता की शिकायत एवं उपलब्ध अभिलेखों पर आधारित हैं। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।JN News पुष्टि नही करता है )






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