उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद के जसपुर नगर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करने पर विद्युत विभाग के अधिकारियों ने पूरे मोहल्ले की बिजली काट दी। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और लोगों ने विभागीय कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मोहल्ला गुजरातियान में हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, जसपुर नगर के मोहल्ला गुजरातियान में विद्युत विभाग की टीम स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पहुंची थी। टीम के साथ पहुंचे एसडीओ सद्दाम हुसैन को स्थानीय लोगों ने मीटर लगाने से मना कर दिया और इसका विरोध शुरू कर दिया।
आरोप है कि विरोध से नाराज होकर एसडीओ ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को निर्देश देकर गांधी पार्क स्थित पोल से पूरे मोहल्ले की बिजली कटवा दी। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ गई।

महिलाओं से अभद्रता का भी आरोप
स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध के दौरान महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने केवल अपनी बात रखी थी, लेकिन अधिकारियों ने उनकी शिकायत सुनने के बजाय दबाव बनाने की कोशिश की।
घटना के बाद मोहल्ले की कई महिलाओं ने मीडिया के सामने आकर अपनी नाराजगी जताई और कार्रवाई की मांग की।
भाजपा नेता शीतल जोशी ने उठाया मुद्दा
मामले में भाजपा नेता शीतल जोशी ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने बताया कि मोहल्ले के लोगों ने उन्हें फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उस समय वह रुद्रपुर में थे, जिसके बाद उन्होंने तुरंत विद्युत विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया।
शीतल जोशी ने आरोप लगाया कि समझाने के बावजूद संबंधित अधिकारी नहीं माने और जाते-जाते मोहल्ले की बिजली काटकर चले गए। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी जनता के साथ अन्याय करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री से शिकायत की बात
भाजपा नेता ने कहा कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे और संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच की मांग करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय कार्यशैली और मीटर लगाने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
स्मार्ट मीटर को लेकर पहले भी हो चुका है विरोध
देशभर में लगाए जा रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लेकर कई जगहों पर लोगों का विरोध देखने को मिला है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिना पर्याप्त जानकारी और सहमति के मीटर लगाए जा रहे हैं। वहीं विभाग का दावा है कि स्मार्ट मीटर से बिजली बिलिंग में पारदर्शिता आएगी और उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी।

जांच और विभागीय प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में विद्युत विभाग की ओर से आधिकारिक बयान सामने आने का इंतजार है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी स्तर पर मनमानी हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जसपुर की यह घटना अब चर्चा का विषय बन गई है और लोग प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।






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