मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूआईआईडीबी की बैठक में हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा की। कुंभ-2027 को ध्यान में रखते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

CM धामी ने महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की समीक्षा की, गंगा कॉरिडोर पर तेजी के निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड निवेश और आधारभूत संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की चौथी बैठक में राज्य की प्रमुख अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए और आगामी छह माह में इनकी वास्तविक प्रगति दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो, तय समयसीमा का पालन किया जाए।
- प्रक्रियात्मक जटिलताओं को दूर कर कार्यों को सरल बनाया जाए।
- गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
- शारदा रिवरफ्रंट परियोजना के लिए भूमि उपलब्धता और भूस्खलन की संवेदनशीलता का अध्ययन कर सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं।
- आगामी कुंभ-2027 को ध्यान में रखते हुए गंगोत्री से हरिद्वार तक गंगा स्वच्छता, घाटों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर प्राथमिकता से कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा और गंगा कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

यूआईआईडीबी का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि यूआईआईडीबी के गठन का मुख्य उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना है। उन्होंने सभी विभागों को गंभीरता, समन्वय और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित
बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगौली तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







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