उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (एक्सप्रेसवे) पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली घटना का मामला तेजी से सामने आया है। पुलिस ने तीन आरोपियों – दो महिलाओं और एक पुरुष – को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने हाईवे के एलीवेटेड सेक्शन पर स्प्रे पेंट से ‘Muslims Not Allowed’ लिखकर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद NHAI अधिकारियों ने शिकायत दर्ज कराई थी।

क्या था पूरा मामला?
कुछ दिन पहले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें साफ दिख रहा था कि किसी ने बड़े-बड़े अक्षरों में “Muslims Not Allowed” लिखा हुआ है। वीडियो में कुछ लोग हंसते-खेलते दिखे और पुलिस को चुनौती देते नजर आए। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश पैदा किया और कई लोगों ने इसे सांप्रदायिक उकसावा बताया।
NHAI की शिकायत पर सहारनपुर पुलिस ने धारा 153A (सांप्रदायिक सद्भाव भंग करने की कोशिश), 295A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 505 (सार्वजनिक शांति भंग करने वाला बयान) और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सहारनपुर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन), सोशल मीडिया ट्रैकिंग और मुखबिरों की मदद से आरोपियों का पता लगाया।
- गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं।
- पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों का संबंध हिंदू रक्षा दल से है।
- गिरफ्तारी देहरादून और आसपास के इलाकों में छापेमारी के बाद हुई।
सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया और जमानत याचिका खारिज होने पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस का बयान
सहारनपुर पुलिस ने कहा:
“जिले में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है। नफरत फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति या ग्रुप के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
सोशल मीडिया पर क्या हो रहा है?
- वीडियो वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने पुलिस को टैग कर कार्रवाई की मांग की।
- कुछ लोगों ने इसे सांप्रदायिक उकसावा बताया, जबकि कुछ ने इसे फ्री स्पीच का मामला बताया।
- पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर भी जांच चल रही है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
यह घटना उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की चुनौती को फिर से उजागर करती है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और मामले में जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों में सख्त कानून की जरूरत है या ये सिर्फ सोशल मीडिया का मुद्दा है? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।






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