नई दिल्ली/जम्मू, 3 फरवरी 2026 – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 5 फरवरी से तीन दिनों के लिए जम्मू-कश्मीर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा करेंगे, अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा करेंगे और कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। यह दौरा पिछले एक महीने में उनका दूसरा जम्मू-कश्मीर दौरा होगा, जो केंद्र सरकार की आतंकवाद-मुक्त जम्मू-कश्मीर की नीति को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

दौरा कार्यक्रम का विवरण
- 5 फरवरी (शाम): अमित शाह जम्मू पहुंचेंगे। शाम में लोक भवन में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, विधायकों और स्थानीय प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में राज्य की राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति पर चर्चा होगी।
- 6 फरवरी (सुबह): गृह मंत्री कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) का दौरा करेंगे। वे बीएसएफ की तैयारियों, घुसपैठ रोधी उपकरणों (जैसे स्मार्ट फेंसिंग, थर्मल कैमरे, ड्रोन) और सैनिकों के इंतजामों का जमीनी निरीक्षण करेंगे।
- 6 फरवरी (दोपहर): जम्मू में उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में शामिल होंगे:
- उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
- जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी
- CAPF (CRPF, BSF) के महानिदेशक
- इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और अन्य खुफिया एजेंसियों के प्रमुख
- सिविल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में LoC और IB पर घुसपैठ रोकने, आतंकियों के ओवर-ग्राउंड वर्कर्स (OGW) पर कार्रवाई और आतंकवाद-मुक्त लक्ष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। - 7 फरवरी (सुबह): श्रीनगर पहुंचकर कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इनमें मुख्य रूप से सड़क, पुल, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और पर्यटन से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
दोपहर में वे श्रीनगर से छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे।

एक महीने में दूसरी बार सुरक्षा फोकस
गौरतलब है कि 8 जनवरी 2026 को अमित शाह ने नई दिल्ली में जम्मू-कश्मीर को लेकर उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक की थी। उस बैठक में उन्होंने सुरक्षा बलों को स्पष्ट निर्देश दिए थे:
- आतंकियों, उनके समर्थकों और ओवर-ग्राउंड वर्कर्स के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाएं।
- LoC और IB पर जीरो घुसपैठ सुनिश्चित करें।
- सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस दौरा से केंद्र सरकार की आतंकवाद-मुक्त जम्मू-कश्मीर की नीति को और मजबूती मिलेगी।
सुरक्षा और विकास का संतुलन
अमित शाह के दौरे से यह साफ संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और विकास दोनों को साथ लेकर चल रही है। पिछले कुछ महीनों में LoC पर घुसपैठ में कमी आई है, लेकिन सीमा क्षेत्रों में अभी भी चुनौतियां बनी हुई हैं। साथ ही विकास परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं को रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।
यह दौरा न केवल सुरक्षा एजेंसियों को नई दिशा देगा, बल्कि राज्य में शांति और विकास की उम्मीद को भी मजबूत करेगा।
जम्मू-कश्मीर में शांति और विकास का नया अध्याय
हमारी नजर इस दौरे पर रहेगी। क्या आपको लगता है कि यह दौरा राज्य में बड़े बदलाव लाएगा?








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