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गंगा स्नान बना मातम का मंजर — दो छात्राओं की डूबकर मौत से मचा कोहराम

गंगा स्नान बना मातम का मंजर — दो छात्राओं की डूबकर मौत से मचा कोहराम

फरीदपुर (बरेली)। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर जहाँ श्रद्धालु आस्था से गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ ले रहे थे, वहीं सोमवार सुबह फरीदपुर तहसील क्षेत्र में आस्था का यह स्नान मातम में बदल गया। ग्राम सितारगंज उर्फ माहमदपुर निवासी दो छात्राओं की गंगा में डूबकर हुई दर्दनाक मौत ने पूरे जनपद को झकझोर दिया।

गंगा स्नान बना मातम का मंजर — दो छात्राओं की डूबकर मौत से मचा कोहराम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सितारगंज की 11वीं कक्षा की छात्राएँ पूनम पुत्री राजू और अनीता पुत्री राधेलाल सुबह लगभग 7 बजे अपने परिजनों के साथ दो ऑटो में सवार होकर ग्राम खल्लपुर गंगा स्नान के लिए पहुँची थीं। स्नान के दौरान अचानक पूनम गहरे पानी में फिसलकर डूबने लगी। उसे बचाने के प्रयास में उसकी सहेली अनीता भी गंगा की तेज धार में समा गई। देखते ही देखते दोनों लहरों के हवाले हो गईं और गंगातट पर चीख-पुकार मच गई।

गंगा स्नान बना मातम का मंजर — दो छात्राओं की डूबकर मौत से मचा कोहराम

ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर पूनम को रेत में दबे हाल में बाहर निकाला। परिजनों ने उसे उल्टा कर पेट में भरे पानी को बाहर निकालने का प्रयास किया, जिससे उसने हल्की सांस ली और आँखें खुलीं। गंभीर हालत देखकर उसे तत्काल जिला अस्पताल बरेली भेजा गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरी छात्रा अनीता का देर शाम तक कोई पता नहीं चल सका, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना पर थाना पुलिस व तहसील प्रशासन मौके पर पहुँचे। एसडीएम फरीदपुर के निर्देश पर एसडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया,

लेकिन बचाव कार्य की धीमी गति और सुरक्षा प्रबंधों की कमी को लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल इस घाट पर हजारों श्रद्धालु स्नान के लिए पहुँचते हैं, फिर भी प्रशासन की ओर से न तो सुरक्षा बैरिकेडिंग की कोई व्यवस्था है और न ही गोताखोरों की स्थाई तैनाती।

परिजनों के आंसुओं से भीगी धरती, क्षेत्र में पसरा मातम

गंगातट पर सैकड़ों की भीड़ एकत्र हो गई। हर किसी की आँखें नम थीं, माताओं की चीखें और परिजनों का विलाप वातावरण को भेद रहा था। दोनों छात्राएँ अपने परिवार की लाडली थीं। असमय मौत ने न सिर्फ दो परिवारों के जीवन में अंधेरा ला दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से माँग की

ग्रामीणों ने प्रशासन से माँग की है कि इस स्नान स्थल पर स्थाई सुरक्षा बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, तथा प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की जाए ताकि भविष्य में कोई श्रद्धालु अपनी आस्था की कीमत जान देकर न चुकाए।

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