केदारनाथ, 23 अक्टूबर 2025: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को श्री केदारनाथ धाम में कपाटबंदी के पावन अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। इस दौरान उन्होंने धाम में चल रहे पुनर्निर्माण और विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
सनातन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थल श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और तीर्थयात्रियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और सुझाव लिए। उन्होंने कहा, “इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे। प्रदेश सरकार के सुनियोजित प्रयासों से चारधाम यात्रा सुचारू और सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह यात्रा न केवल उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है, बल्कि विश्व भर के सनातन धर्मावलंबियों को देवभूमि से जोड़ती है।”
विकास कार्यों पर जोर, 2026 की यात्रा की तैयारी शुरू
मुख्यमंत्री ने केदारनाथ धाम में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा के लिए अभी से रणनीति तैयार की जाए ताकि समय रहते सभी प्रबंध पूरे हो सकें। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चारधाम और मानसखंड के मंदिरों में विकास कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को सनातन धर्म की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है।”

चारधाम यात्रा 2025: रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु, सकुशल समापन
इस वर्ष चारधाम यात्रा में अभूतपूर्व संख्या में तीर्थयात्री शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इसे सरकार, तीर्थ पुरोहितों, हक-हकूकधारियों, स्थानीय कारोबारियों और श्रद्धालुओं के सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “बाबा केदार का आशीर्वाद हम सब पर बना रहे। चारधाम यात्रा का सकुशल समापन उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है।”
मुख्यमंत्री ने यात्रा को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया और कहा कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

आगे की राह: उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री धामी ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए तकनीक और संसाधनों का उपयोग किया जाए ताकि भविष्य में तीर्थयात्रियों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाबा केदार से प्रदेश और देश की उन्नति के लिए प्रार्थना की और विश्वास जताया कि उत्तराखंड सनातन धर्म के गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।








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