बरेली। तहसील फरीदपुर में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अब अधिवक्ता लामबंद हो गए हैं। शुक्रवार को फरीदपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल शुक्ला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) मलिक नयन को 9 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा और तहसील को भ्रष्टाचार मुक्त करने की मांग की।

अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसील परिसर में दाखिल-खारिज, खतौनी शुद्धिकरण, शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण जैसी प्रक्रियाओं में अतिरिक्त शुल्क की वसूली की जा रही है। इतना ही नहीं, कई अधिकारी अपने सरकारी कार्यालय का दरवाजा बंद कर बाहर ही लोगों से वार्ता कर रहे हैं। वहीं खतौनी शुल्क में मनमानी बढ़ोतरी और तहसील कार्यालयों में प्राइवेट व्यक्तियों की अवैध मौजूदगी पर भी कड़ा एतराज जताया गया
मांग पत्र सौंपने के बाद
मांग पत्र सौंपने के बाद अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में पहुंचकर उप जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया और जमकर नारेबाजी की। बार एसोसिएशन का कहना है कि यदि एक सप्ताह के भीतर तहसील परिसर से प्राइवेट कर्मचारियों को बाहर का रास्ता नहीं दिखाया गया और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की ठोस कार्यवाही नहीं हुई, तो अधिवक्ता इससे भी बड़े आंदोलन का बिगुल फूंकेंगे।
अध्यक्ष अतुल शुक्ला ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई, तो बार एसोसिएशन सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उप जिलाधिकारी मलिक नयन ने कहा कि अधिवक्ताओं द्वारा दिए गए मांग पत्र में जो बिंदु मानने योग्य होंगे, उन पर निश्चित रूप से सुधार और कार्यवाही की जाएगी









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