उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल में मीडिया से बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के एक वर्ष पूरे होने पर 27 जनवरी 2026 को पूरे प्रदेश में ‘यूसीसी दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। यह दिन महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है।

यूसीसी: उत्तराखंड ने दिखाया राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में सरकार ने जनता से यूसीसी लागू करने का वादा किया था, जिसे पूरा किया गया। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जहां 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू हुआ।
- यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप है।
- देवभूमि उत्तराखंड से समानता, न्याय और सामाजिक समरसता का संदेश पूरे देश को मिला।
- महिलाओं के अधिकारों में मजबूती, तलाक, विवाह, वसीयत और संपत्ति जैसे मामलों में समान कानून लागू।
- अब तक बड़ी संख्या में पंजीकरण हुए हैं (विवाह, लिव-इन आदि), और जनता का सहयोग सराहनीय रहा।
- यूसीसी दिवस पर राज्य भर में जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद और अन्य आयोजन होंगे – ताकि अधिक से अधिक लोग इसके लाभ और प्रक्रियाओं से अवगत हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी किसी धर्म या संप्रदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार और सुरक्षा प्रदान करता है। जनता में सकारात्मक माहौल है और अन्य राज्य भी इसे अपनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

वन्य मानव संघर्ष पर सरकार सख्त, स्थायी समाधान की दिशा में काम
ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों (भालू, तेंदुआ आदि) के हमलों पर मुख्यमंत्री ने गंभीरता जताई।
- कई इलाकों में ग्रामीणों, बच्चों और युवाओं ने साहस दिखाया और जानें बचाईं।
- सरकार ठोस कदम उठा रही है: वन्य जीव प्रबंधन, सुरक्षा उपाय, त्वरित राहत, मुआवजा और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी मजबूत।
- वन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त मॉनिटरिंग बढ़ाई जा रही है।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दीर्घकालिक योजना पर काम जारी।
मानसखंड क्षेत्र में यातायात सुधार: बाईपास और वैकल्पिक मार्गों पर तेज काम
नैनीताल और कैंचीधाम जैसे पर्यटन स्थलों पर बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या पर मुख्यमंत्री ने कहा:
- कैंचीधाम सहित प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर साल भर भारी आवागमन रहता है।
- बाईपास, वैकल्पिक मार्ग, सड़क चौड़ीकरण और पार्किंग योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
- लक्ष्य: स्थानीय लोगों और पर्यटकों को जाम से मुक्ति मिले, आवागमन सुरक्षित और सुगम हो।

चारधाम यात्रा 2026: सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की पूरी तैयारी
चारधाम यात्रा राज्य की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक-पर्यटन गतिविधि है। मुख्यमंत्री ने कहा:
- इस वर्ष यात्रा को और अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए सभी हितधारकों के साथ बैठकें हो रही हैं।
- पिछले साल के अनुभव, सुझाव और फीडबैक के आधार पर तैयारियां बेहतर की जा रही हैं।
- सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन पर विशेष फोकस।
- श्रद्धालुओं को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए हर संभव प्रयास।
(नोट: चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत अप्रैल में अक्षय तृतीया से होने की संभावना है, कपाट खुलने की तिथियां जल्द घोषित होंगी।)
मुख्यमंत्री धामी की ये घोषणाएं उत्तराखंड की सामाजिक न्याय, सुरक्षा और पर्यटन विकास की दिशा में मजबूत संकल्प को दर्शाती हैं। यूसीसी दिवस पर प्रदेश भर में उत्सव जैसा माहौल रहेगा।








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