मुरादाबाद, 26 फरवरी 2026 – उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में भारतीय किसान यूनियन (मुलायम) ने आगामी फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। यूनियन के कार्यकर्ताओं ने फिल्म में यादव समाज की छवि को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की है।

विरोध प्रदर्शन का विवरण
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नेम सिंह (जिन्हें राजेश यादव के नाम से भी जाना जाता है) के नेतृत्व में सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता अंबेडकर पार्क में एकत्र हुए। यहां से उन्होंने पैदल मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी मुरादाबाद को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में फिल्म के निर्माताओं, निर्देशक और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
नेम सिंह ने कहा,
“फिल्म में यादव समाज की छवि को जानबूझकर खराब तरीके से दिखाया गया है, जिससे पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि समाज की गरिमा पर हमला है।”

यूनियन की प्रमुख मांगें
- उत्तर प्रदेश में फिल्म पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाए।
- फिल्म के निर्माताओं, निर्देशक और कलाकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- भविष्य में किसी भी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री पर कठोर निगरानी और नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
- फिल्म में दिखाए गए इंटरफेथ रिलेशनशिप को ‘लव जिहाद’ जैसी साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे सामाजिक सद्भाव बिगड़ सकता है।
फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर विवाद का बैकग्राउंड
यह फिल्म 27 फरवरी 2026 को रिलीज होने वाली है। इसमें मुख्य भूमिका में प्रगति तिवारी (सिंपल यादव) और अन्य कलाकार हैं। कहानी एक यादव लड़की और मुस्लिम लड़के (वसीम अख्तर) की लव स्टोरी पर आधारित है, जहां परिवार दबाव डालता है कि वह यादव लड़के से शादी करे।
फिल्म पहले से ही विवादों में घिरी हुई है:
- यादव समाज के कई संगठनों (जैसे विश्व यादव परिषद) ने इसे ‘लव जिहाद’ को बढ़ावा देने वाला बताया।
- सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में (25 फरवरी 2026) फिल्म पर बैन या नाम बदलने की याचिका खारिज कर दी, कहा कि टाइटल में कोई अपमानजनक शब्द नहीं है और यह फिक्शन है।
- संभल, प्रयागराज और अन्य जगहों पर भी विरोध प्रदर्शन और एफआईआर दर्ज हुईं।
- सोशल मीडिया पर #BoycottYadavJiKiLoveStory ट्रेंड कर रहा है।

यूनियन का स्टैंड
भारतीय किसान यूनियन (मुलायम) ने इस मुद्दे को यादव समाज की एकजुटता और सम्मान से जोड़ा है। नेम सिंह ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा।
यह घटना उत्तर प्रदेश में फिल्मों के नाम और कंटेंट पर सामाजिक-जातिगत संवेदनशीलता को फिर से उजागर करती है। प्रशासन अब ज्ञापन पर कार्रवाई की दिशा में विचार कर रहा है, जबकि फिल्म रिलीज की तारीख नजदीक आ रही है।






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