कासगंज जिले के पटियाली थाना क्षेत्र में 5 मार्च की रात को हुई क्रूर हत्या का मामला मात्र 4 दिनों में सुलझ गया। पुलिस और एसओजी टीम की त्वरित कार्रवाई से बिहार के बेगूसराय जिले के 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे की सरिया और घटना के समय पहने खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए गए हैं।

घटना का पूरा विवरण
यह पूरा मामला कासगंज के भर्गेन गांव का है। गांव के निवासी आदिल (मजदूर) की 5 मार्च 2026 की रात को क्रूर तरीके से हत्या कर दी गई थी। आदिल गांव में मजदूरी करता था और उसकी दोस्ती जाबिर, मोहम्मद आजाद, रमजानी, इस्तखार और मोहम्मद छोटे से थी। ये सभी लोग मेदपुर रोड पर स्थित किसान ईंट भट्टे में काम करते थे।
घटना वाली रात आदिल का इन्हीं पांचों दोस्तों से किसी बात को लेकर तीखी बहस और झगड़ा हो गया। झगड़े के दौरान आरोपियों ने मिलकर आदिल को लोहे की सरिया से पीट-पीटकर मार डाला। आदिल की लाश गांव के पास मिली थी।
आदिल के भाई गुलजार नबी (पुत्र छोटे खां) ने 8 मार्च 2026 को पटियाली थाने में तहरीर दी, जिसमें उन्होंने इन पांचों पर हत्या का आरोप लगाया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए कासगंज की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के नेतृत्व में एसओजी (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) और सर्विलांस टीम की एक संयुक्त टीम गठित की।
टीम ने तकनीकी सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूत्रों की मदद से आरोपियों का पता लगाया। जांच में पता चला कि हत्या के बाद सभी आरोपी भागकर बिहार चले गए थे। टीम ने बेगूसराय जिले के वल्लूपुर रेलवे स्टेशन के पास शमशुल पुत्र जख्खूला खान के बाग से सभी पांचों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी
- मोहम्मद रमजानी
- मोहम्मद आजाद
- मोहम्मद छोटे
- इश्तकार (इस्तखार)
(सभी निवासी: विक्रामपुर, थाना चरिया बढ़ियानपुर, जिला बेगूसराय, बिहार) - मोहम्मद जाविद
(निवासी: मठियानी, थाना ओपी छैराई, जिला बेगूसराय, बिहार)
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लोहे की सरिया और घटना के समय पहने खून से सने कपड़े बरामद कर लिए। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस का बयान
कासगंज एसपी अंकिता शर्मा ने कहा, “यह एक क्रूर हत्या का मामला था, जो दोस्ती के नाम पर हुई आपसी रंजिश में हुई। हमारी टीम ने मात्र 72 घंटे से भी कम समय में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए। कानून के दायरे में सभी को सजा मिलेगी।”
यह कार्रवाई कासगंज पुलिस की तेजी और एसओजी की प्रभावी जांच का एक शानदार उदाहरण है।
क्या आपको लगता है कि दोस्ती के नाम पर होने वाली ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं? या पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई पर क्या कहेंगे? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।
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