दिल्ली रोड अस्पताल से दस्तावेज चोरी, DM-CMO का सहयोग मिला लेकिन पुलिस कार्रवाई ठप—सेन बोले, ‘विपिन सागवान गैंग जिम्मेदार, सरकारी फंड अभी भी उनके खाते में आ रहा’
सहारनपुर के दिल्ली रोड पर स्थित वाइब्रेस हॉस्पिटल का विवाद अब नई ऊँचाई पर पहुँच गया है। मंगलवार को अस्पताल परिसर में निदेशक अमित सेन ने पत्रकारों से खुलकर बात की और कहा कि प्रशासन का पूरा सहयोग मिला है, लेकिन चोरी के मामले में पुलिस ने अब तक FIR दर्ज नहीं की।
उन्होंने पूर्व संचालकों पर जानलेवा धमकी का गंभीर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि अगर उनके परिवार को कुछ होता है, तो विपिन सागवान और उसके साथी जिम्मेदार होंगे। करोड़ों के सरकारी फंड वाले इस अस्पताल का संचालन कब पटरी पर लौटेगा? आइए, इस मामले की जड़ों को खोदते हैं, जो न सिर्फ मेडिकल सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों की उम्मीदों को भी तोड़ रहा है।

अमित सेन ने बताया कि DM और CMO के सहयोग से वे आज पहली बार अस्पताल परिसर में पहुँचे।
अमित सेन ने बताया कि DM और CMO के सहयोग से वे आज पहली बार अस्पताल परिसर में पहुँचे। “प्रशासन ने कागजी कार्रवाई पूरी होते ही संचालन शुरू करने का भरोसा दिलाया है,” उन्होंने कहा। लेकिन समस्या की जड़ चोरी है—पूर्व संचालकों ने मृतकों के दस्तावेज, मेडिकल डिवाइस और जरूरी फाइलें ले लीं। सेन ने मांग की कि ये चीजें तुरंत वापस दिलाई जाएँ,
ताकि मरीजों को उनके कागजात मिल सकें और इलाज सुचारू हो। उन्होंने यूनियन बैंक में विपिन सागवान के खाते को बंद करने की भी अपील की, क्योंकि सरकारी फंड अभी भी वहाँ पहुँच रहा है। “कर्मचारियों को वेतन दे दिया है, लेकिन फाइलें न होने से सब रुका हुआ है,” सेन ने नाराजगी जताई। एक स्थानीय ने कहा, “अस्पताल बंद होने से इलाज रुक गया। चोरी की FIR होनी चाहिए।”

सेन ने किसानों का जिक्र किया
सेन ने किसानों का जिक्र किया, “हमने रियायती दरों पर इलाज दिया, उनका पूरा सहयोग मिला।” लेकिन विवाद का काला चेहरा पूर्व संचालक विपिन सागवान का गैंग है। सेन ने आरोप लगाया कि वे और उनका परिवार भय के साये में जी रहे हैं। “अगर परिवार, भाई या अस्पताल से जुड़े किसी को अनहोनी होती है, तो विपिन, नवीन सागवान, मस्तराम, राहुल और शशि जिम्मेदार होंगे।” उन्होंने कहा कि वे अस्पताल के बाहर थे जब धमकी मिली, लेकिन तहरीर के बावजूद मुकदमा नहीं दर्ज हुआ। “खाते ब्लॉक नहीं हुए, जबकि फंड आ रहा है,” सेन ने कहा। पुलिस ने कहा, “जांच जारी है, जल्द FIR होगी।”
यह विवाद महीनों से चल रहा है। वाइब्रेस हॉस्पिटल, जो करोड़ों का सरकारी प्रोजेक्ट था, संचालन बंद होने से मरीज परेशान हैं। सेन ने कहा, “प्रशासन ने सहयोग किया, लेकिन पुलिस की लेट लतीफी से दिक्कत है।” एक स्थानीय ने बताया, “अस्पताल बंद होने से इलाज रुक गया। चोरी की FIR होनी चाहिए।” पुलिस ने कहा, “जांच जारी है, जल्द FIR होगी।”
सेन का दावा है कि विवाद सुलझ रहा है, लेकिन धमकी का डर बरकरार है। क्या प्रशासन कार्रवाई करेगा? ग्रामीण इंतजार कर रहे हैं।







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