ऋषिकेश (उत्तराखंड), 4 फरवरी 2026 – लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहे जाने के बाद उत्तराखंड में सियासी तापमान बढ़ गया है। तीर्थनगरी ऋषिकेश में भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस बयान को बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित बताते हुए राहुल गांधी का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की।

क्या हुआ प्रदर्शन में?
भाजपा के जिला कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जमा हुए। हाथों में पोस्टर और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए।
- “राहुल गांधी माफी मांगो!”
- “गद्दार नहीं, देशभक्त हैं रवनीत बिट्टू!”
- “संसद में भाषा की मर्यादा रखो!”
पुतला दहन के बाद कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह की अभद्र और अपमानजनक भाषा बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

भाजपा नेताओं का बयान
- राजेंद्र सिंह तड़ियाल, भाजपा जिला अध्यक्ष, ऋषिकेश ने कहा:
“लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद तो होंगे, लेकिन किसी केंद्रीय मंत्री को ‘गद्दार’ कहना न केवल उनका अपमान है, बल्कि यह कांग्रेस की हताशा को भी दर्शाता है। राहुल गांधी को अपनी भाषा पर लगाम लगानी चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।” - सतीश सिंह, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष ने जोड़ा:
“रवनीत सिंह बिट्टू जैसे सम्मानित और मेहनती नेता के लिए इस तरह के शब्द इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता। हम मांग करते हैं कि राहुल गांधी तुरंत अपने बयान पर पछतावा जताएं और माफी मांगें। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम सड़क से लेकर संसद तक विरोध जारी रखेंगे।”
प्रदर्शन का मकसद
कार्यकर्ताओं ने बताया कि यह विरोध सिर्फ एक बयान के खिलाफ नहीं है। उनका कहना है कि विपक्ष लगातार संसद में हंगामा कर रहा है, और अब सड़कों पर भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल बढ़ रहा है। वे चाहते हैं कि राजनीतिक बहस में मर्यादा बनी रहे।
कांग्रेस की चुप्पी
अभी तक राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस प्रदर्शन या बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, कांग्रेस नेता पहले ही कह चुके हैं कि राहुल गांधी ने जो कहा, वह सदन में बहस का हिस्सा था और उसका राजनीतिक संदर्भ था।
राजनीतिक मायने
यह घटना उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ते तनाव को दिखाती है। ऋषिकेश जैसे धार्मिक और पर्यटन शहर में इस तरह का प्रदर्शन होने से राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। भाजपा इसे ‘देशभक्ति’ से जोड़कर विपक्ष पर हमला कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे ‘राजनीतिक स्टंट’ बता सकती है।
हमारी नजर इस मुद्दे पर बनी रहेगी। क्या राहुल गांधी माफी मांगेंगे या मामला और बढ़ेगा?
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