सरदार@150 यूनिटी मार्च का हिस्सा, CM ने कहा—सरदार पटेल का सपना साकार करने का समय
भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर देशभर में एकता का संदेश गूंज रहा है, और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुजरात के साधली और बदादेरा में सरदार गाथा कार्यक्रम में हिस्सा लेकर इसे और मजबूत किया। मंगलवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ धामी ने सरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में शिरकत की। यह अवसर न केवल पटेल के योगदान को याद करने का था, बल्कि युवाओं को एकता और समर्पण का संदेश देने का भी। धामी ने पटेल को “आधुनिक भारत का निर्माता” बताते हुए कहा कि उनकी इच्छाशक्ति ने अखंड भारत का सपना साकार किया।

सरदार पटेल को श्रद्धांजलि: CM का भावुक संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री धामी ने पटेल को समस्त उत्तराखंडवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, “सरदार पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और अटूट समर्पण से 562 रियासतों को भारत की गोद में समेटा। खेड़ा और बारदोली के किसान आंदोलनों में अन्याय के खिलाफ उनका संघर्ष आज भी प्रेरणा देता है।” धामी ने पटेल को राष्ट्र-सेवा का प्रतीक बताते हुए जोर दिया कि उनका पूरा जीवन देश के लिए समर्पित था। यह संदेश युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय रहा, क्योंकि कार्यक्रम में सैकड़ों युवा शामिल हुए थे।
धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की, जिन्होंने पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में घोषित किया। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनवाकर पटेल के सपनों को मूर्त रूप दिया। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर उन्होंने पटेल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘एक देश, एक विधान’ के संकल्प को साकार किया।” कार्यक्रम में धामी ने रन फॉर यूनिटी का जिक्र करते हुए युवाओं को पटेल के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

उत्तराखंड में एकता यात्रा: CM की पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में सरदार@150 यूनिटी मार्च के तहत हर जनपद में एकता यात्रा का आयोजन किया गया। उन्होंने खुद चार प्रमुख स्थानों पर हिस्सा लिया। धामी ने कहा, “ये यात्राएं नशा मुक्ति, योग, और स्वास्थ्य जागरूकता के साथ सहकारिता मेलों के जरिए स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देती हैं।” ग्राम सभाओं में जनसंवाद से समस्याओं का समाधान भी किया गया। सरदार उपवन विकसित कर पर्यावरण संरक्षण पर फोकस किया गया। धामी ने समान नागरिक संहिता लागू करने को पटेल की प्रेरणा से जोड़ा, जो राज्य में एक समान कानून सुनिश्चित करता है।
कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया, और केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे जैसे गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। धामी ने सभी से अपील की, “सरदार पटेल के आदर्शों पर चलें—जाति, क्षेत्र, संप्रदाय से ऊपर उठकर एकता बनाए रखें।”

सरदार पटेल का योगदान: एकता का प्रतीक
सरदार पटेल को ‘लौह पुरुष’ कहा जाता है, जिन्होंने 1947-48 में रियासतों का एकीकरण किया। उनके बिना भारत का नक्शा अधूरा होता। धामी ने कहा, “पटेल ने संवाद, प्रेम, और दृढ़ता से भारत को जोड़ा। आज भी उनकी प्रेरणा से हम एक भारत, श्रेष्ठ भारत का निर्माण कर रहे हैं।” यह कार्यक्रम पटेल के 150वें जयंती वर्ष का हिस्सा है, जो एकता और समरसता का संदेश देता है।

निष्कर्ष: युवाओं के लिए प्रेरणा
धामी का यह संदेश युवाओं के लिए खास है, जो नशा मुक्ति और पर्यावरण से जुड़ने का आह्वान करता है। सरदार पटेल का जीवन हमें सिखाता है कि एकता ही राष्ट्र की ताकत है। क्या उत्तराखंड इस दिशा में आगे बढ़ेगा? आपकी राय कमेंट में साझा करें।








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