देहरादून, 9 फरवरी 2026 – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में कुंभ मेला-2027, हरिद्वार की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कुंभ से जुड़े सभी निर्माण कार्य, बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्थाएं अक्टूबर 2026 तक पूरी तरह सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला हमारी संस्कृति, आस्था और करोड़ों श्रद्धालुओं का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, इसलिए इसे भव्य, दिव्य और सफल बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।

बैठक में मुख्य निर्देश और फैसले
मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को सख्त हिदायतें दीं:
- सभी निर्माण कार्य तय समय पर पूरे हों, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
- शासन स्तर पर कुंभ से संबंधित कोई फाइल या कार्य लंबित नहीं रहेगा। लंबित रखने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।
- सचिव, लोक निर्माण विभाग को अगले 24 घंटे के अंदर कुंभ के लिए टेक्निकल पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश।
- कुंभ क्षेत्र में बने सभी पुलों का तकनीकी ऑडिट करवाया जाए।
- हर की पौड़ी सहित सभी घाटों का सौंदर्यकरण और आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण किया जाए।
- श्रद्धालुओं के लिए हर की पौड़ी के साथ अन्य सभी घाटों पर भी स्नान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कुंभ क्षेत्र की स्वच्छता, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस किया। प्रमुख निर्देश:
- मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए।
- प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था हो।
- सुरक्षा बलों, जल पुलिस, ड्रोन, सीसीटीवी और अन्य आधुनिक उपकरणों की पर्याप्त तैनाती हो।
- कानून व्यवस्था, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन की अलग से विस्तृत कार्य योजना बनाई जाए।
अखाड़ों, संत समाज और स्थानीय समन्वय
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न अखाड़ों को भूमि आवंटन तय समय पर किया जाए। मेलाधिकारी स्वयं इसकी मॉनिटरिंग करें। साथ ही सभी अखाड़ों, मठों, संत समाज, संस्थाओं और स्थानीय लोगों से परस्पर समन्वय स्थापित किया जाए। श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए कुंभ क्षेत्र में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाए।

अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
- वन संबंधित मामलों पर जल्द अनुमति ली जाए।
- अन्य प्रदेशों से भी समन्वय स्थापित किया जाए।
- आवास, टेंट सिटी, अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस और मोबाइल चिकित्सा दलों की व्यवस्था समय से पूरी हो।
- सभी विकास कार्य कागजों पर नहीं, धरातल पर दिखाई दें।
मुख्यमंत्री का मुख्य संदेश
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा: “कुंभ मेला हमारी संस्कृति, आस्था और करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा धार्मिक आयोजन है। इस आयोजन को सफल बनाना हम सभी का कर्तव्य है। जो भी श्रद्धालु राज्य में आएं, वे अच्छा अनुभव लेकर जाएं। विकास और आस्था का संतुलन ही उत्तराखंड की असली पहचान है।”
बैठक में मौजूद प्रमुख लोग
बैठक में शामिल थे:
- कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल
- विधायक श्री मदन कौशिक, श्री आदेश चौहान, श्रीमती रेनू बिष्ट, श्रीमती अनुपमा रावत, श्री रवि बहादुर
- उत्तराखंड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर
- मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन
- डीजीपी श्री दीपम सेठ
- प्रमुख सचिव श्री एल. फैनई, श्री आर.के. सुधांशु
- सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश झा
- कुंभ मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका सिंह
- अन्य वरिष्ठ अधिकारी
यह बैठक कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को निर्णायक गति देने वाली साबित हुई है। मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दिया है कि कुंभ को भव्य, दिव्य और सफल बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
कुंभ 2027: आस्था और विकास का महाकुंभ आपको क्या लगता है – क्या कुंभ 2027 पिछले रिकॉर्ड्स को तोड़ पाएगा?






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