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Police crackdown on outsiders in Rishikesh: डीजीपी दीपम सेठ ने चलाया सघन सत्यापन अभियान – 6 किराएदार बिना वेरिफिकेशन के पकड़े, मकान मालिकों पर जुर्माना

Police crackdown on outsiders in Rishikesh: डीजीपी दीपम सेठ ने चलाया सघन सत्यापन अभियान – 6 किराएदार बिना वेरिफिकेशन के पकड़े, मकान मालिकों पर जुर्माना

ऋषिकेश (देहरादून), 19 फरवरी 2026 – उत्तराखंड के डीजीपी दीपम सेठ के सख्त निर्देशों के बाद ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने बाहरी लोगों के सत्यापन को लेकर अलर्ट मोड पर आ गई है। आज तड़के पुलिस की दो टीमों ने मायाकुंड की बंगाली बस्ती और आईडीपीएल के मीरा नगर इलाके में एक साथ छापेमारी की। सुबह-सुबह पुलिस को दरवाजे पर देखकर लोगों के माथे पर बल पड़ गए, लेकिन जैसे ही पुलिस ने अपने आने का मकसद बताया, लोगों ने राहत की सांस ली।

Police crackdown on outsiders in Rishikesh: डीजीपी दीपम सेठ ने चलाया सघन सत्यापन अभियान – 6 किराएदार बिना वेरिफिकेशन के पकड़े, मकान मालिकों पर जुर्माना

पुलिस ने घर-घर जाकर ली जानकारी

पुलिस ने एक के बाद एक घरों के दरवाजे खटखटाए और वहाँ रहने वाले किराएदारों की पूरी डिटेल जुटाई। पुलिस ने निम्नलिखित सवालों के जवाब मांगे:

  • किराएदार कहाँ से आए हैं?
  • क्या करते हैं?
  • कितने समय से यहाँ रह रहे हैं?
  • उनका पुलिस वेरिफिकेशन हुआ है या नहीं?

दोनों इलाकों में कुल 6 किराएदार ऐसे पकड़े गए, जिनका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हुआ था। पुलिस ने इनके खिलाफ तत्काल चालान काटा और जुर्माना लगाया। साथ ही मकान मालिकों को लापरवाही बरतने के लिए फटकार लगाई और चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी गलती पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Police crackdown on outsiders in Rishikesh: डीजीपी दीपम सेठ ने चलाया सघन सत्यापन अभियान – 6 किराएदार बिना वेरिफिकेशन के पकड़े, मकान मालिकों पर जुर्माना

पुलिस का साफ संदेश

कोतवाली पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना वेरिफिकेशन के किराएदार रखना गैरकानूनी है और यह सुरक्षा की दृष्टि से बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। पुलिस ने मकान मालिकों से अपील की कि वे किराएदार रखने से पहले उनका पुलिस सत्यापन जरूर करवाएं। इसी तरह दुकानदारों से भी कहा गया कि वे कर्मचारी रखने से पहले सत्यापन करवाएं।

एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया:
“डीजीपी महोदय के निर्देश पर हमने संवेदनशील इलाकों में सत्यापन अभियान तेज किया है। यह अभियान पूरे शहर में समय-समय पर चलाया जाएगा। हमारा उद्देश्य शहर में रहने वाले हर व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करना है ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा की घटना को रोका जा सके।”

अभियान का उद्देश्य और आगे की योजना

यह सत्यापन अभियान शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार चलाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि बाहरी लोगों का रिकॉर्ड रखना और उनका समय-समय पर सत्यापन करना सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे पुलिस के साथ सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।

यह अभियान एक बार फिर साबित करता है कि उत्तराखंड पुलिस अपराध और सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

सुरक्षा पहले – उत्तराखंड पुलिस का संकल्प
आपको क्या लगता है – क्या बिना वेरिफिकेशन के किराएदार रखने पर और सख्त कानून की जरूरत है?

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