सरोवर नगरी नैनीताल में होली और रमजान के पावन पर्वों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में जनपद भर में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सार्वजनिक स्थल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और बॉर्डर क्षेत्रों पर पुलिस, बीडीएस (बम निरोधक दस्ता) और डॉग स्क्वॉयड की टीमें सक्रिय हैं।

बम धमकी के बाद बढ़ाई गई सतर्कता
कुछ दिन पहले नैनीताल जिले में जिला न्यायालय, हाईकोर्ट और कुमाऊं मंडल के प्रमुख राजकीय अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकियां मिली थीं। ये धमकियां ईमेल के जरिए आईं और बाद में कोरी साबित हुईं, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। धमकियों में ISI और LTTE जैसे नामों का जिक्र था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत पड़ी।
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने सभी थाना प्रभारियों, चौकी इंचार्ज और अधीनस्थ अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अपने क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखें। जनता से अपील की जा रही है कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखे तो तुरंत स्थानीय पुलिस या 112 हेल्पलाइन पर सूचना दें।

क्या-क्या चल रहा है चेकिंग अभियान?
- सार्वजनिक स्थलों पर सघन जांच और पूछताछ।
- रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर बैग, वाहनों की तलाशी।
- जनपद बॉर्डर पर वाहनों और यात्रियों की चेकिंग।
- नशा तस्करी, हुड़दंग और जबरन रंग लगाने वालों पर जीरो टॉलरेंस।
- होली पर हुड़दंगियों और रमजान में किसी भी तरह की अशांति रोकने के लिए पैनी नजर।
पुलिस का मकसद है कि दोनों पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव के साथ मनाए जाएं। हाल के दिनों में नैनीताल पुलिस ने नशा तस्करों पर भी बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें लाखों कीमत की स्मैक बरामद हुई।
नैनीताल जैसे पर्यटन स्थल पर त्योहारों के दौरान सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। एसएसपी के इन निर्देशों से शहरवासियों और पर्यटकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
क्या आप नैनीताल में हैं या यहां आने का प्लान है? होली-रमजान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं।






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