BGMI स्ट्रीमर का 19 मिनट का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, यूट्यूबर ने कहा ‘यह फेक है’—महिला सशक्तिकरण की आवाज़ बनीं पायल, क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नाम छाया हुआ है—पायल गेमिंग। भारत की टॉप फीमेल गेमर्स में शुमार पायल धरे (Payal Dhare) का कथित MMS वीडियो वायरल हो गया है, जिसके बाद पूरा इंटरनेट दो हिस्सों में बंट गया। एक तरफ फैंस उनकी सपोर्ट में #JusticeForPayal ट्रेंड करा रहे हैं, तो दूसरी तरफ ट्रोल्स मीम्स बना रहे हैं। पायल ने इसे डीपफेक बताते हुए सख्त चेतावनी दी है, और महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मैंने साइबर पुलिस को शिकायत की है। कृपया इसे शेयर न करें।” महाराष्ट्र साइबर सेल ने केस दर्ज कर लिया है, और जांच में वीडियो को डीपफेक कन्फर्म किया गया। पायल ने महिलाओं से अपील की, “ऐसी अफवाहों से न डरो, आवाज़ उठाओ।”

पायल गेमिंग ने महाराष्ट्र साइबर सेल में केस दर्ज कराया
पायल गेमिंग, असल नाम पायल धरे, 1998 में गुजरात के अहमदाबाद में जन्मीं। 25 साल की उम्र में वे भारत की सबसे बड़ी फीमेल गेमिंग क्रिएटर बन चुकी हैं। उनका यूट्यूब चैनल ‘Payal Gaming’ के 6 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं, और इंस्टाग्राम पर 2.5 मिलियन फॉलोअर्स। पायल मुख्य रूप से BGMI (Battlegrounds Mobile India) और Free Fire जैसे गेम्स पर स्ट्रीमिंग करती हैं। उनकी वीडियोज में हाई-एक्शन गेमप्ले, फनी कमेंट्री और टिप्स मिलते हैं, जो युवाओं को खींचते हैं।
2020 में लॉकडाउन के दौरान उन्होंने गेमिंग शुरू की, और आज उनका नेट वर्थ 10 करोड़ रुपये से ऊपर है। पायल ने Esports Awards 2023 में ‘Best Female Streamer’ जीता, और वे S8UL गेमिंग टीम का हिस्सा हैं। उनकी BGMI गेम ID ‘PayalGaming’ है, जो फैंस के बीच फेमस है। पायल ने कहा है, “गेमिंग मेरे लिए पैशन है, जो मुझे सशक्त बनाता है। महिलाओं को गेमिंग में आगे आना चाहिए।”

AI-जनरेटेड डीपफेक कितना खतरनाक..?
लेकिन पिछले हफ्ते से पायल की जिंदगी उलट-पुलट हो गई। सोशल मीडिया पर एक 19 मिनट का कथित इंटीमेट वीडियो वायरल हो गया, जिसमें पायल जैसी दिखने वाली महिला नजर आ रही है। वीडियो टेलीग्राम और X पर तेजी से फैला, और मीम्स की बाढ़ आ गई। फैंस ने इसे डीपफेक बताया, लेकिन ट्रोल्स ने पायल को टारगेट किया। पायल ने इंस्टाग्राम पर क्लैरिफिकेशन जारी किया: “यह वीडियो फेक है, AI-जनरेटेड डीपफेक। यह मेरी जिंदगी का सबसे दर्दनाक पल है।
मैंने साइबर पुलिस को शिकायत की है। कृपया इसे शेयर न करें।” महाराष्ट्र साइबर सेल ने केस दर्ज कर लिया है, और जांच में वीडियो को डीपफेक कन्फर्म किया गया। पायल ने महिलाओं से अपील की, “ऐसी अफवाहों से न डरो, आवाज़ उठाओ।”

ये विवाद पायल के लिए पहला नहीं है। 2023 में भी एक फेक वीडियो से परेशान हुई थीं, लेकिन उन्होंने इसे हिम्मत से झेला। फैंस ने #StandWithPayal ट्रेंड किया, जिसमें 1 लाख से ज्यादा पोस्ट्स हैं। एक फैन ने लिखा, “पायल हमारी क्वीन हैं, ये ट्रोल्स बस जलते हैं।” लेकिन ये केस डीपफेक की बढ़ती समस्या को उजागर करता है। 2025 में भारत में 50% वायरल वीडियोज डीपफेक साबित हुए, और महिलाएं 70% टारगेट। साइबर लॉ एक्सपर्ट ने कहा, “IT एक्ट 66E के तहत 3-5 साल की सजा हो सकती है। पायल का केस महिलाओं के लिए मिसाल बनेगा।”
पायल का करियर गेमिंग से शुरू हुआ, लेकिन विवाद ने उन्हें स्ट्रॉन्गर बनाया। उनका चैनल अब भी 1 मिलियन व्यूज प्रति वीडियो पा रहा है। क्या ये विवाद उनके फैंबेस को बढ़ाएगा? समय बताएगा। लेकिन एक बात साफ है—पायल गेमिंग न सिर्फ गेमर हैं, बल्कि साहसी आवाज़ भी।








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