लखनऊ। जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और RSS प्रमुख मोहन भागवत ने संयुक्त रूप से शिरकत की। दोनों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और श्रीमद् भगवद्गीता की पूजा की। ज्ञानानंद महाराज ने दोनों अतिथियों को गीता की प्रति भेंट की और राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का गायन किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत विश्व गुरु रहा है और आक्रमण व धर्मांतरण के बाद भी उसकी पहचान कायम है। उन्होंने राम मंदिर पर जल्द झंडा फहराने की बात कही। भागवत ने कहा कि लाभ-हानि की चिंता छोड़ धर्म और राष्ट्र के कर्तव्य निभाने चाहिए। गीता जीवन परिवर्तन का शाश्वत दीप है।

स्वार्थ या लालच में धर्म परिवर्तन करना महापाप
सीएम योगी ने कहा कि “अपने धर्म में जीवन और मृत्यु दोनों श्रेष्ठ हैं। स्वार्थ या लालच में धर्म परिवर्तन करना महापाप है।” उन्होंने बताया कि गीता मनुष्य को सही दिशा देने वाली ग्रंथ है और समाज में समरसता बनाए रखने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता आज के डिजिटल युग में भी इंस्ट्रक्टिव है, डिस्ट्रक्टिव नहीं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी तभी सार्थक होगी जब नागरिक स्मार्ट और सजग बनेंगे, इसलिए गीता का अध्ययन आवश्यक है।

कार्यक्रम ‘जीओ गीता परिवार’ की ओर से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम ‘जीओ गीता परिवार’ की ओर से आयोजित किया गया। संस्था के पदाधिकारियों प्रदीप मित्तल और मणि प्रसाद मिश्र ने बताया कि गीता अध्ययन का यह अभियान अब भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बड़े पैमाने पर चल रहा है और लोगों को गीता के ज्ञान से जोड़ने का प्रयास जारी है।







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