फैमिली आईडी मिशन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह का बड़ा डंडा चला है। डीएम ने स्पष्ट किया है कि शासन की प्राथमिकता वाले इस अभियान में अब किसी भी स्तर पर कामचोरी और ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।

18 सितम्बर 2025
18 सितम्बर 2025 को हुई प्रगति समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि 28 सितम्बर तक हर निकाय से कम से कम 1000 नये फैमिली आईडी आवेदन करवाए जाएं। रोजाना की प्रगति गूगल शीट के जरिए मॉनिटरिंग करने के भी आदेश दिए गए थे।

लेकिन हकीकत में कई निकाय अपने दायित्वों को लेकर लापरवाह साबित हुए। न तो लक्ष्य पूरा कराया गया और न ही प्रगति संतोषजनक रही। इसे डीएम ने सीधी नाकामी और जिम्मेदारी से भागना माना।
और न ही प्रगति संतोषजनक रही। इसे डीएम ने सीधी नाकामी और जिम्मेदारी से भागना माना।
इसी लापरवाही का नतीजा यह रहा कि जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद ऑवला, फरीदपुर, बहेड़ी, नवाबगंज और नगर पंचायत ठिरिया निजावत खां, सिरौली, देवरनियां, फतेहगंज पश्चिमी, धौराटांडा, सेंथल, मीरगंज व शीशगढ़ के 12 अधिशासी अधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के आदेश जारी कर दिए।

कार्रवाई की चपेट में आए अधिकारी हैं –
1- जितेन्द्र कुमार (ऑवला)
2- पुनीत कुमार (फरीदपुर)
3- शशि प्रभा चौधरी (बहेड़ी)
4- आर०आर० अंबेश (नवाबगंज)
5- सपना भारद्वाज (ठिरिया निजावत खां)
6- आर०एन० तिवारी (सिरौली)
7- अंकित गंगवार (देवरनियां)
8- पुष्पेन्द्र सिंह राठौर (फतेहगंज पश्चिमी)
9- संदीप चन्द्रा (धौराटांडा)
10- त्रिभुवन नारायन मिश्रा (सेंथल)
11- प्रियंका (मीरगंज)
12- दुर्गेश सिंह (शीशगढ़)
जिलाधिकारी का दो-टूक संदेश –
“फैमिली आईडी मिशन में लक्ष्य हर हाल में पूरा होना चाहिए। अच्छा काम करने वालों को सम्मान मिलेगा, लेकिन जो जिम्मेदारी से भागेंगे उन्हें किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा








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