नोएडा के फेस-2 औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों का वेतन बढ़ोतरी और सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन उग्र हो गया। कई जगह तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया और 24 घंटे में समस्याओं का समाधान निकालने के निर्देश दिए।

नोएडा में मजदूरों का उग्र प्रदर्शन, सड़कें जाम, कई जगह बवाल | सीएम योगी ने तुरंत लिया संज्ञान
नोएडा। नोएडा के फेस-2 औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों का वेतन बढ़ोतरी और श्रमिक सुविधाओं को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन सोमवार को अचानक उग्र हो गया। कई निजी कंपनियों के कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रदर्शन के दौरान कई जगह यातायात पूरी तरह ठप हो गया और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

हिंसक रूप लेता प्रदर्शन
बीते तीन दिनों से चल रहा श्रमिकों का विरोध सोमवार को हिंसक रूप ले बैठा। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने कई जगह तोड़फोड़ की, वाहनों को नुकसान पहुंचाया और कुछ इलाकों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। हालात बिगड़ते देख भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
मजदूरों की मुख्य मांगें
प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का कहना है कि मौजूदा वेतन में घर चलाना मुश्किल हो गया है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, किराया, गैस सिलेंडर और रोजमर्रा के खर्चों ने उनकी कमर तोड़ दी है।
मजदूरों की मुख्य मांगें हैं:
- न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 18 से 20 हजार रुपये किया जाए
- बोनस समय पर दिया जाए
- ओवरटाइम का डबल भुगतान हो
- महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित हो
- कैंटीन में बेहतर भोजन उपलब्ध कराया जाए
श्रमिकों का आरोप है कि कई कंपनियां उन्हें केवल 11 हजार रुपये के आसपास वेतन दे रही हैं, जबकि सरकारी मानकों के अनुसार इससे ज्यादा भुगतान होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

आम जनता पर असर
प्रदर्शन का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ा। कई प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम लग गया, जिससे दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल वाहन और रोजमर्रा के यात्री घंटों फंसे रहे। औद्योगिक क्षेत्र से गुजरने वाले मार्गों पर हालात सबसे ज्यादा खराब रहे।
सीएम योगी का तुरंत संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रमिकों को सम्मानजनक मानदेय दिया जाए और 24 घंटे के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए। साथ ही भड़काऊ गतिविधियों पर नजर रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के सख्त आदेश भी दिए गए हैं।

डीएम ने कंपनियों को दी चेतावनी
नोएडा प्रशासन भी हरकत में आ गया है। जिला प्रशासन की ओर से कंपनियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, हर महीने की 10 तारीख तक वेतन दिया जाए और नियमों के अनुसार बोनस भी समय पर कर्मचारियों के खातों में पहुंचाया जाए।
नोएडा में मजदूरों का यह आंदोलन अब सिर्फ वेतन का मुद्दा नहीं, बल्कि श्रमिक सम्मान और अधिकारों की लड़ाई बन चुका है। प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है कि क्या मजदूरों की मांगें मानी जाएंगी या आंदोलन और तेज होगा






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