बेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया बनी नोबेल पुरस्कार विजेता
नई दिल्ली। पिछले काफी दिनों से नोबेल पुरस्कार को लेकर शोर मचा रहे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को खासा झटका लगा है। ट्रम्प के तमाम प्रयासों को धता बताते हुए इस बार का नोबेल पुरस्कार बेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया मचाडो को मिला है। यह पुरस्कार उन्हें वेनेजुएला में लोकतंत्र अधिकारों को बढ़ावा देने और तानाशाही से लोकतंत्र की ओर शांतिपूर्ण बदलाव लाने के लिए दिया गया है। वह लोकतंत्र के लिए पिछले 20 साल से संघर्ष कर रही हैं।

सुमाते संगठन के बैनर तले लड़ी लड़ाई
मचाडो ने सुमाते नामक संगठन की स्थापना की। इसी संगठन के जरिए उन्होंने लोकतंत्र के लिए लड़ाई लड़ी। नोबेल समिति ने कहा कि आज जब दुनिया के कई हिस्सों में तानाशाही बढ़ रही है और लोकतंत्र कमजोर हो रहा है। ऐसे समय में मारिया मचाडो जैसे लोगों की हिम्मत काफी उम्मीदें जगाती हैं।

ट्रम्प भारत से चाहते थे नोमिनेशन
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रम्प कई महीनों से नोबेल पुरस्कार की दावेदारी कर रहे थे। हालात यह थे कि बीते दिनों भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम का श्रेय लेकर वह विश्व में शांतिदूत का खिताब लेना चाहते थे। ट्रम्प चाहते थे कि भारत नोबेल के लिए उन्हें नोमिनेट करे। हालांकि भारत उनकी मंशा के आगे नहीं झुका।
लेकिन पाकिस्तान ने ट्रम्प को नोबेल के लिए नोमिनेट किया था। ट्रम्प का दावा है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान समेत विश्व में सात युद्ध रुकवाए। लेकिन भारत ने साफ तौर उनके दावे को खारिज कर दिया। इसी खीज के चलते वह भारत के खिलाफ टैरिफ पर टैरिफ लगाते जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्होंने पाकिस्तान को अपनी गोद में बैठा लिया है









Leave a Reply