नैनीताल, 20 फरवरी 2026 – उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल में न्याय व्यवस्था को निशाना बनाने वाली धमकियों का सिलसिला जारी है। जिला न्यायालय को धमकी मिलने के महज कुछ दिनों बाद अब उत्तराखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय में भी बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ है। इस धमकी के बाद पूरे हाईकोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया है।
कुमाऊं परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल ने खुद मोर्चा संभाला। आईजी स्वयं हाईकोर्ट परिसर पहुंचीं और सुरक्षा इंतजामों का गहन निरीक्षण किया। उनके निर्देश पर तत्काल बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई।

क्या-क्या कार्रवाई हुई?
- डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता और एंटी-सबोटाज टीम ने पूरे परिसर की सघन तलाशी ली।
- सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर हर आने-जाने वाले व्यक्ति और वाहन की गहन जांच की जा रही है।
- पीएसी की एक कंपनी और एटीएस की टीम को भी तैनात किया गया है।
- हाईकोर्ट के चारों ओर, पार्किंग, गैलरियां, जजमेंट हॉल और आसपास के क्षेत्रों में छानबीन जारी है।
- साइबर सेल धमकी भरे ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और प्रेषक की तकनीकी जांच में जुटी हुई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि अब तक किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक की बरामदगी नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। हाईकोर्ट परिसर में कामकाज सामान्य रूप से जारी है, लेकिन सभी अधिवक्ता, कर्मचारी और न्यायार्थी अतिरिक्त सतर्कता के साथ आ-जा रहे हैं।

आईजी रिद्धिम अग्रवाल का बयान
आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने मौके पर मीडिया से कहा:
“हाईकोर्ट को मिली धमकी की सूचना मिलते ही हमने तुरंत हाई अलर्ट जारी किया। पूरी परिसर की गहन जांच चल रही है। साइबर सेल धमकी के स्रोत का पता लगा रही है। हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है – न्यायालय जैसे संवेदनशील स्थलों पर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन से अपील है कि शांति बनाए रखें और किसी अफवाह से दूर रहें।”
न्याय व्यवस्था पर बढ़ता खतरा
यह घटना उत्तराखंड में न्यायालयों को मिल रही लगातार धमकियों की चौथी या पांचवीं कड़ी है। इससे पहले जिला न्यायालय नैनीताल और अन्य संवेदनशील स्थलों पर भी ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि यह सुनियोजित प्रयास हो सकता है, जिसे लेकर जांच एजेंसियां गहराई से काम कर रही हैं।
प्रशासन ने न्यायालय परिसर में आने वाले सभी लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तुरंत दें। साथ ही, अफवाहों से दूर रहकर शांति बनाए रखने की बात कही गई है।
न्याय व्यवस्था की सुरक्षा – हम सबकी जिम्मेदारी
क्या आपको लगता है कि न्यायालयों को मिल रही धमकियों के पीछे कोई संगठित साजिश है? या यह सिर्फ मनचाहे तत्वों की हरकतें हैं?
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