ऋषिकेश के हरिद्वार रोड स्थित हिंदुस्तान ग्लास फैक्ट्री में फायर ब्रिगेड द्वारा अग्नि सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। काल्पनिक आग की स्थिति में मात्र 15 मिनट में आग पर काबू पाया गया। फैक्ट्री कर्मचारियों को आग बुझाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

हिंदुस्तान ग्लास फैक्ट्री में अग्नि सुरक्षा की तैयारियों को परखा गया
ऋषिकेश के हरिद्वार रोड स्थित हिंदुस्तान ग्लास फैक्ट्री में औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने इस अभ्यास के दौरान फैक्ट्री कर्मचारियों की प्रतिक्रिया और अपनी तैयारियों को परखा।
अभ्यास की शुरुआत एक काल्पनिक आग की सूचना से हुई। सूचना दी गई कि फैक्ट्री के एक हिस्से में फर्निस लीकेज के कारण भीषण आग लग गई है। इस आग की चपेट में आने से एक युवा कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गया, जबकि एक अन्य कर्मचारी भी घायल हो गया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सायरन बजाती हुई तत्काल मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला और मात्र 15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। इस दौरान कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने (evacuation) की प्रक्रिया भी अपनाई गई।

प्रशिक्षण और जागरूकता पर जोर
मॉक ड्रिल के समापन पर फायर सेफ्टी ऑफिसर (FSO) सुनील दत्त तिवारी ने फैक्ट्री के सभी कर्मचारियों को आग बुझाने के विभिन्न उपकरणों (फायर एक्सटिंघुइशर, हाइड्रेंट, होज पाइप आदि) के सही उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
श्री तिवारी ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि “आग लगने के शुरुआती पलों में कर्मचारियों की सतर्कता, सही निर्णय और त्वरित प्रतिक्रिया ही बड़े हादसे को टाल सकती है।” उन्होंने सभी को आग लगने पर क्या करें और क्या न करें, इस बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मॉक ड्रिल का उद्देश्य
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखना और आग लगने पर जान-माल के नुकसान को न्यूनतम रखना था। साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम की रिस्पॉन्स टाइम और समन्वय को भी परखा गया।
औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसी मॉक ड्रिल नियमित रूप से आयोजित करना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि यहां रसायनिक पदार्थ, उच्च तापमान और भारी मशीनरी के कारण आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है।
फैक्ट्री प्रबंधन ने फायर ब्रिगेड की टीम का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसी अभ्यास गतिविधियों को जारी रखने का भरोसा दिलाया।






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