हत्यारोपी शोभराज उर्फ नीलू उर्फ अभय जाटव को आजीवन कारावास और ₹1.15 लाख का आर्थिक दंड की सुनाई सजा

जालौन मे 16 साल पहले हुए अपहरण
जालौन मे 16 साल पहले हुए अपहरण और हत्या के भयावह मामले में न्यायिक सुनवाई पूरी होने के बाद मुख्य आरोपी शोभराज उर्फ नीलू को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही उसे 1 लाख 15 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया।
जानकारी के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बघौरा निवासी चतुर्भुज प्रशांत, जो महोबा से सेवानिवृत अधिशासी अभियंता हैं, ने 26 मई 2009 को अपनी तहरीर में बताया था कि उनके पुत्र कमलेश कुमार को अज्ञात व्यक्तियों ने अपहरण कर लिया और 15 लाख रुपये फिरौती की मांग की। जब मांग पूरी नहीं हुई, तो बदमाशों ने कमलेश की हत्या कर शव को आठ टुकड़ों में काटकर रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया।

पुलिस ने पिता की तहरीर पर
पुलिस ने पिता की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण, हत्या, एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस ने शोभराज उर्फ नीलू उर्फ अभय, तौफीक उर्फ शेरू, मुजामिल बैग उर्फ अफसर और मुहम्मद आसिफ समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें तीन नाबालिग थे। नाबालिग आरोपियों का मुकदमा किशोर न्यायालय में स्थानांतरित किया गया,
जबकि शोभराज का मुकदमा एससी/एसटी एक्ट कोर्ट में चल रहा था। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शोभराज 18 फरवरी 2014 से अदालत में पेश नहीं हुआ। पुलिस ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया और उसे 25 हजार रुपए का इनामी घोषित किया। अंततः चुरखी पुलिस को 24 मई 2025 को सूचना मिली और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
अपर जिला जज एससी/एसटी एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता की अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर शोभराज को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।








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