मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना का निरीक्षण, भारत-नेपाल व्यापार और सहयोग को मिलेगा नया आयाम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना का निरीक्षण, भारत-नेपाल व्यापार और सहयोग को मिलेगा नया आयाम

चंपावत, 24 अक्टूबर 2025: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चंपावत जनपद के बनबसा स्थित गुदमी क्षेत्र में लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) द्वारा लगभग ₹500 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने परियोजना को भारत-नेपाल के बीच सहयोग, व्यापार और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना का निरीक्षण, भारत-नेपाल व्यापार और सहयोग को मिलेगा नया आयाम

भारत-नेपाल संबंधों को मजबूती

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना भारत और नेपाल के बीच व्यापार, यात्री आवागमन और आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया उत्तराखंड सरकार के सहयोग से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

परियोजना की प्रगति और औपचारिकताएँ

मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी, प्रतिपूरक पौधारोपण और भूमि हस्तांतरण की सभी औपचारिकताएँ समयबद्ध तरीके से पूरी की गई हैं। इस वर्ष पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा लगभग 84 एकड़ वन भूमि को अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके बाद निर्माण कार्य ने गति पकड़ी है।

आधुनिक और सुविधाजनक सुविधाएँ

लगभग ₹500 करोड़ की लागत से बनने वाला यह लैंड पोर्ट भारत और नेपाल के बीच व्यापार और यात्री आवागमन के लिए एक समेकित, सुविधाजनक और सुरक्षित प्रणाली विकसित करेगा। इस परियोजना के तहत कस्टम, सुरक्षा, व्यापार और सीमा प्रबंधन से जुड़ी सभी प्रमुख एजेंसियाँ एक ही परिसर में कार्य करेंगी। इससे सीमा प्रबंधन में तेजी, पारदर्शिता और दक्षता आएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना का निरीक्षण, भारत-नेपाल व्यापार और सहयोग को मिलेगा नया आयाम

आर्थिक परिदृश्य में बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि बनबसा लैंड पोर्ट केवल एक अवसंरचना परियोजना नहीं है, बल्कि यह सीमांत क्षेत्रों के आर्थिक परिदृश्य को बदलने का एक मजबूत माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना सीमा पार व्यापार को सशक्त बनाएगी, कृषि और औद्योगिक उत्पादों के लिए एक औपचारिक प्रवेश द्वार तैयार करेगी और स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करेगी।

किसानों और छोटे उत्पादकों को लाभ

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि लैंड पोर्ट के माध्यम से किसानों और छोटे उत्पादकों को सीमा पार बाजारों तक सीधी पहुँच मिलेगी। इससे परिवहन लागत में कमी आएगी और उत्पादों का मूल्य संवर्धन संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पारस्परिक सहयोग को भी बढ़ावा देगी, जिससे भारत-नेपाल के आपसी संबंध और मजबूत होंगे।

पर्यावरण और आधुनिकता का संतुलन

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना भारत सरकार की क्षेत्रीय एकीकरण और सुरक्षित, सतत सीमा विकास नीति के अनुरूप है। LPAI द्वारा एक डिज़ाइन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसके माध्यम से एक ऐसा पर्यावरण-अनुकूल मॉडल तैयार किया जाएगा जो आधुनिकता और प्रकृति संरक्षण का संतुलित उदाहरण बने।

समयबद्ध निर्माण का निर्देश

मुख्यमंत्री ने भारत सरकार, LPAI और राज्य के सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि परियोजना का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि बनबसा लैंड पोर्ट उत्तराखंड की सीमाओं को समृद्धि, सहयोग और अवसरों की नई पहचान देगा।

स्थानीय विकास को गति

मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह न केवल बनबसा और चंपावत के लिए, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। यह परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ भारत-नेपाल के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और प्रगाढ़ करेगी।

यह परियोजना उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाओं को खोलेगी और क्षेत्र को वैश्विक व्यापार और सहयोग के नक्शे पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगी।

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