सहारनपुर की सदर बाजार पुलिस ने एक बड़ी एटीएम चोरी की साजिश को रंगेहाथ पकड़कर नाकाम कर दिया है। पुलिस ने चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक महिला भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से लाइसेंसी रिवॉल्वर (चार जिंदा कारतूस सहित), पेंचकश, चाकू, दो मोबाइल फोन और एक स्प्लेंडर प्लस बाइक बरामद हुई। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि गिरोह में शामिल एक आरोपी एटीएम का कांट्रैक्टर ही था, जिसने पासवर्ड उपलब्ध कराया था।

कैसे पकड़े गए आरोपी?
2 मार्च 2026 की रात गश्त के दौरान पुलिस टीम शिवालिक बैंक के पास स्थित हिताची एटीएम पर पहुंची। वहां दो युवक मशीन को पेंचकश से खोलने की कोशिश कर रहे थे। मौके पर ही विनीत कुमार नैन (निवासी बालाजी पुरम) और विकास कुमार (निवासी रामपुरी कॉलोनी, खलासी लाइन) को दबोचा गया। तलाशी में उनके पास से रिवॉल्वर, कारतूस और अन्य औजार बरामद हुए।
पूछताछ के आधार पर पुलिस ने राजेश (निवासी नेहरू नगर) और तनु (निवासी वेद बिहार कॉलोनी) को भी गिरफ्तार कर लिया। राजेश ही हिताची एटीएम का कांट्रैक्टर है, जो मशीन में पैसा डालता है। आरोप है कि उसने ही पासवर्ड उपलब्ध कराया और विकास के साथ मिलकर साजिश रची।

साजिश का पूरा प्लान
- आरोपी एक दिन पहले एटीएम के अंदर लगा सीसीटीवी कैमरा तोड़ चुके थे ताकि पहचान न हो।
- रात में मशीन खोलकर पासवर्ड डालकर पैसे निकालने वाले थे।
- लूट की रकम बराबर-बराबर बांटने की बात तय थी।
- विकास और राजेश की नवीनगर स्थित एक अन्य हिताची एटीएम में भी साझेदारी बताई गई है।
- विनीत की मुलाकात विकास से तनु ने कराई थी।
पुलिस लाइन सभागार में एसपी सिटी व्योम बिंदल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरी घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गश्त और चेकिंग की वजह से ही ये बड़ी वारदात टल गई। पुलिस अब पूछताछ में और डिटेल्स निकाल रही है, जिसमें कांट्रैक्टर की भूमिका पर गहराई से जांच हो रही है।

क्या कहते हैं आरोपी?
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि ये सब प्लान राजेश के पासवर्ड की जानकारी से हुआ। वे मशीन खोल ही रहे थे कि पुलिस टीम पहुंच गई और उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि एटीएम में पैसा डालने वाले कर्मचारियों की निगरानी कितनी जरूरी है। पुलिस की मुस्तैदी से शहरवासियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।
सुरक्षा पहले! जय हिंद! 🚔💰






Leave a Reply