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Havoc of Storms and Hailstorms in Nainital: नैनीताल में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का कहर: सरोवर नगरी 20+ घंटे अंधेरे में डूबी, रामनगर में बच्चे की मौत

Havoc of Storms and Hailstorms in Nainital: नैनीताल में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का कहर: सरोवर नगरी 20+ घंटे अंधेरे में डूबी, रामनगर में बच्चे की मौत

नैनीताल, 17 मार्च 2026 – सरोवर नगरी नैनीताल और आसपास के इलाकों में रविवार देर रात आए भयंकर आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज हवाओं से 100 से अधिक पेड़ उखड़ गए, बिजली के पोल और लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। पेयजल व्यवस्था और मोबाइल संचार भी बाधित रहा, जिससे लोग गहरी परेशानी में फंस गए।

मंगलवार दोपहर लगभग 3 बजे कई क्षेत्रों में बिजली बहाल होने शुरू हुई, लेकिन पूरे शहर में अभी भी चुनौतियां बनी हुई हैं। मीडिया कर्मियों को भी रिपोर्टिंग और समाचार भेजने में भारी दिक्कत आई।

Havoc of Storms and Hailstorms in Nainital: नैनीताल में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का कहर: सरोवर नगरी 20+ घंटे अंधेरे में डूबी, रामनगर में बच्चे की मौत

मौसम का कहर: क्या हुआ रविवार रात?

रविवार रात करीब 10 बजे से शुरू हुई तेज हवाओं (60 किमी/घंटा तक), गरज-चमक, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे जिले को प्रभावित किया। मौसम विभाग की पहले से जारी चेतावनी सटीक साबित हुई।

  • कई इलाकों में पेड़, बिजली पोल और घरों की छतें उखड़ गईं।
  • घरों में पानी घुस गया, संपत्ति का नुकसान हुआ।
  • मुख्य सड़कें और लिंक रोड अवरुद्ध रहे।

सबसे बड़ी त्रासदी: रामनगर में 10 वर्षीय बच्चे की मौत

सबसे दुखद घटना रामनगर क्षेत्र में हुई, जहां तेज आंधी के दौरान एक हल्दू का बड़ा पेड़ घर पर गिर गया। इस हादसे में 10 वर्षीय बालक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस और प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। यह घटना स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर रही है।

Havoc of Storms and Hailstorms in Nainital: नैनीताल में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का कहर: सरोवर नगरी 20+ घंटे अंधेरे में डूबी, रामनगर में बच्चे की मौत

बिजली, पानी और संचार की स्थिति

  • विद्युत आपूर्ति: रविवार रात से 20-24 घंटे तक पूरी तरह बाधित। मंगलवार दोपहर 3 बजे से कुछ इलाकों (जैसे मुख्य बाजार, टॉलिया, शेरवानी) में बहाली शुरू हुई, लेकिन कई वार्ड और आसपास के गांव अभी भी अंधेरे में हैं।
  • पेयजल: पंपिंग स्टेशन बंद होने से पानी की सप्लाई ठप। लोग घरों में जमा पानी पर निर्भर रहे।
  • संचार: मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह डाउन। इंटरनेट और कॉल्स नहीं जा रहे थे, जिससे आपात स्थिति में मदद मांगना मुश्किल हो गया।

विद्युत विभाग के कर्मचारी दिन-रात लगे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कई जगहों पर लाइनें टूटी हुई हैं और पेड़ हटाने का काम जारी है।

लोगों की परेशानियां और सतर्कता

नैनीताल जैसे पर्यटन स्थल में यह स्थिति पर्यटकों और स्थानीयों दोनों के लिए मुश्किल भरी रही। कई पर्यटक होटलों में फंसे रहे, जहां जनरेटर से काम चलाना पड़ा। लोग मोमबत्ती और टॉर्च के सहारे रात काट रहे थे।

मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों (नैनीताल, चंपावत, पौड़ी आदि) में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया था, जो सही साबित हुआ।

सतर्कता की अपील: ऐसे मौसम में बाहर निकलने से बचें, पेड़ों के नीचे न खड़े हों और आपात स्थिति में 112 या स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।

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