गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), 20 फरवरी 2026 – गाजियाबाद पुलिस ने नशीले पदार्थों के कारोबार पर एक और करारा प्रहार करते हुए अंतर्राज्यीय तस्करी गिरोह के प्रमुख सदस्य सौरव त्यागी की लगभग 2 करोड़ रुपये की संपत्ति को सीज कर दिया है। यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई है, जिससे नशा तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।
आरोपी पर क्या आरोप?
पुलिस जांच में सामने आया है कि सौरव त्यागी प्रतिबंधित कफ सिरप Eskuf Cough Syrup और Phensedyl Cough Syrup की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी और तस्करी में शामिल था। ये सिरप नशे के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे थे और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में अवैध तरीके से सप्लाई किए जा रहे थे। गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और युवाओं को नशे की लत में धकेलने का धंधा चला रहा था।
पुलिस ने कैसे पकड़ा?
गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस की विशेष टीम ने लंबे समय से निगरानी रखी। पुख्ता सबूत और गहन जांच के बाद आरोपी की तस्करी से अर्जित संपत्ति को चिन्हित किया गया। जब्त की गई संपत्ति में:
- जमीन-जायदाद
- बैंक खातों में जमा राशि
- वाहन और अन्य चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि यह संपत्ति पूरी तरह से नशे के अवैध कारोबार से अर्जित की गई थी। गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्ती का यह मामला गाजियाबाद में पिछले कुछ महीनों में सबसे बड़ा है।

पुलिस का साफ संदेश
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया:
“नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अवैध कमाई से अर्जित हर संपत्ति को जब्त किया जाएगा और कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को नशे की तस्करी या सप्लाई की जानकारी हो तो तुरंत सूचना दें। गाजियाबाद पुलिस ने नशा मुक्ति अभियान को और तेज करने का संकल्प लिया है।

समाज में स्वागत और प्रभाव
इस कार्रवाई से नशा तस्करों में खलबली मची हुई है, वहीं आम जनता और सामाजिक संगठनों ने पुलिस की इस पहल का जोरदार स्वागत किया है। युवाओं को नशे से दूर रखने और ऐसे गिरोहों को जड़ से खत्म करने के लिए यह कार्रवाई एक मजबूत संदेश है।
नशा मुक्त समाज – हम सबकी जिम्मेदारी
क्या आपको लगता है कि NDPS Act और गैंगस्टर एक्ट के तहत ऐसी कार्रवाइयां नशे के खिलाफ निर्णायक साबित होंगी?
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