बलिया (उत्तर प्रदेश), 19 फरवरी 2026 – उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक बेहद संवेदनशील और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और आक्रोश पैदा कर दिया है। गड़वार थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 फरवरी की रात शौच के लिए घर से निकली एक नाबालिग बच्ची को कुछ युवकों ने जबरन पकड़कर सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता ने डर और धमकी के कारण पहले कुछ नहीं बताया, लेकिन अगले दिन दर्द और घबराहट बढ़ने पर परिवार को पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया।

घटना का विवरण और पीड़िता की स्थिति
परिवार के मुताबिक, आरोपी युवकों ने बच्ची को बुरी तरह धमकाया कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो उसके पिता और भाई की जान ले ली जाएगी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाकर वायरल करने की भी कथित तौर पर धमकी दी। डर के कारण पीड़िता ने उसी दिन कुछ नहीं बताया। अगले दिन जब उसके हाथ-पैर में तेज दर्द और मानसिक आघात बढ़ा, तब वह रोते हुए परिजनों को सब कुछ बता पाई। परिवार का कहना है कि बच्ची अभी भी मानसिक रूप से बेहद डरी हुई है और उसे लगातार धमकियों का डर सताता है।
पीड़िता की भाभी ने बताया कि परिवार ने तुरंत थाने में सूचना दी थी, लेकिन पुलिस अगले दिन घटनास्थल पर पहुंची। इस बीच बच्ची की परीक्षा भी थी, जिसके कारण वह पेपर देने गई। परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस की शुरुआती प्रतिक्रिया में देरी हुई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि 18 फरवरी की दोपहर करीब 3:30 बजे पीड़िता के पिता ने गड़वार थाने में लिखित तहरीर दी। तहरीर के आधार पर चार नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ आईपीसी की गंभीर धाराओं (376D – सामूहिक दुष्कर्म, 506 – आपराधिक धमकी, POCSO एक्ट आदि) में मामला दर्ज किया गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम फॉरेंसिक दल के साथ मौके पर पहुंची। साक्ष्य जुटाने, घटनास्थल का निरीक्षण और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। फिलहाल सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है और जांच पूरी निष्पक्षता से की जा रही है। पीड़िता और उसके परिवार को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

इलाके में आक्रोश और न्याय की मांग
घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने पीड़िता को तुरंत न्याय दिलाने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी भी हुई। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जांच में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
यह घटना एक बार फिर नाबालिगों की सुरक्षा, महिलाओं के सम्मान और ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती है। परिवार और समाज से अपील की जा रही है कि ऐसी घटनाओं में पीड़ित को तुरंत सहयोग करें और पुलिस को सूचना दें।
पीड़िता के साथ न्याय – हम सबकी जिम्मेदारी
क्या आपको लगता है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कानून और जागरूकता की जरूरत है?







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