नई दिल्ली। दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियों ने गुरुवार रात बड़ी कार्रवाई की। सुरक्षा बलों ने पुलवामा के कोइल इलाके में आतंकी डॉ. उमर नबी के घर को IED ब्लास्ट से उड़ा दिया। इससे पहले गुरुवार को ही DNA रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि 10 नवंबर को दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट में जो शव मिला था, वह उमर नबी का ही था। पुष्टि के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों ने उसके परिजनों—माता-पिता और भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पिछले तीन दिनों में जांच एजेंसियों ने घाटी में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाते हुए 500 लोकेशनों पर छापेमारी की है। सूत्रों के मुताबिक 600 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस दौरान खुफिया एजेंसियों को बड़ी जानकारी हाथ लगी है।
32 गाड़ियों से करने थे देश भर में ब्लास्ट
अब तक गिरफ्तार 8 आतंकियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वे 6 दिसंबर—बाबरी मस्जिद ढहाने की बरसीके दिन दिल्ली सहित देशभर में सीरियल ब्लास्ट करने की योजना बना रहे थे। इसके लिए 32 कारें तैयार रखी गई थीं, जिनमें IED लगाने की योजना थी।

दिल्ली ब्लास्ट में 13 की मौत
दिल्ली में 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक घायल हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, मास्टरमाइंड और ऑपरेशनल मॉड्यूल को ट्रैक करने में जुटी हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हमले में शामिल मॉड्यूल पिछले कई महीनों से सक्रिय था और दिल्ली को टारगेट बनाने के पीछे देशभर में दहशत फैलाने की साजिश थी।
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