खटीमा (उधम सिंह नगर), 8 फरवरी 2026 – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा भ्रमण के दूसरे दिन रविवार को जनता के बीच बिना किसी औपचारिकता के समय बिताया। उन्होंने कैंप कार्यालय लोहियाहेड और हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और तत्काल समाधान के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
जनसमस्याओं का सुना निवारण
सुबह से ही मुख्यमंत्री ने खटीमा के कैंप कार्यालय में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं।
- स्थानीय निवासियों ने सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए।
- मुख्यमंत्री ने हर शिकायत पर गंभीरता से ध्यान दिया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
- उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की छोटी-बड़ी हर समस्या का समाधान समयबद्ध तरीके से होना चाहिए।

शोक संवेदना और परिवारों से मुलाकात
इसके बाद मुख्यमंत्री ग्राम भगचुरी पहुंचे, जहां उन्होंने दो अलग-अलग शोक सभाओं में शामिल होकर संवेदना व्यक्त की।
- स्वर्गीय मलकीत सिंह राणा के आवास पर पहुंचकर उनके परिजनों से मिले और शोक में शामिल हुए।
- स्वर्गीय सुन्दरी देवी (92 वर्ष) – वीरेंद्र मौर्य की माता के घर जाकर परिवार को ढांढस बंधाया।
मुख्यमंत्री ने दोनों दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना की और परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने कहा: “दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े होना हमारी जिम्मेदारी है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति दें।”

मौके पर मौजूद प्रमुख लोग
कार्यक्रम के दौरान इन गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी रही:
- जिला पंचायत अध्यक्ष – अजय मौर्य
- अध्यक्ष, नगर पालिका खटीमा – रमेश चंद्र जोशी
- दर्जा मंत्री – अनिल कपूर डब्बू
- फरजाना बेगम
- जिलाधिकारी उधम सिंह नगर – नितिन सिंह भदौरिया
- जिलाधिकारी चम्पावत – मनीष कुमार
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक – मणिकांत मिश्रा
- मुख्य विकास अधिकारी – दिवेश शाशनी
- अपर जिलाधिकारी – कौस्तूभ मिश्रा
- एसपी – नीहारिका तोमर
- उप जिलाधिकारी – तुषार सैनी
इसके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और आम नागरिक मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा: “प्रदेश सरकार जनता की हर समस्या को प्राथमिकता पर लेती है। हम न सिर्फ योजनाओं का शिलान्यास करते हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर जनता की बात सुनते हैं और समाधान करते हैं। खटीमा जैसे सीमांत क्षेत्रों का विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
यह दौरा मुख्यमंत्री की जन-केंद्रित शासन शैली का एक और उदाहरण रहा। जनता से सीधे संवाद और शोक संवेदना व्यक्त करना – दोनों ही बातें मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सक्रियता को दर्शाती हैं।
हमारी संवेदनाएं स्वर्गीय मलकीत सिंह राणा और सुन्दरी देवी के परिवारों के साथ हैं। ओम शांति 🙏








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