उत्तर प्रदेश के जालौन में चोरी का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां किसी घर या दुकान में चोरी नहीं की गई बल्कि रातों-रात मोहल्ले में डाली गई इंटरलॉकिंग सड़क की ईंटो को उखाड़ कर चोरी कर लिया गया। लेकिन नगर पालिका अधिकारियों को इसकी कानों का खबर नहीं लगी। वही जब मामला उजागर हुआ तो एसडीएम ज्योति सिंह तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। वही जांच टीम ने एक मदरसे के परिसर से उखाड़ी गई इंटरलॉकिंग की ईंटों को बरामद कर लिया है।

मामला कोंच नगर पालिका क्षेत्र की मोहल्ला आजाद नगर वार्ड नम्बर 20 का है। यहां सड़क से उखाड़ी गईं इंटरलॉकिंग ईंटें बुधवार शाम को एक मदरसे से बरामद की गईं। फिलहाल ईंटों को पालिका परिसर में रखवाया गया है। वही नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कह रही हैं, इंटरलॉकिंग ईंटें गायब होने के मामले में एसडीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी।

चोरी का अजीबोगरीब मामला
सन 2021 में साढ़े चार लाख की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण हुआ था। हफ्तेभर पहले सड़क की सारी ईंटें उखाड़कर गायब कर दी गईं थीं। लेकिन नगर पालिका को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामला उजागर होने के बाद एसडीएम ज्योति सिंह ने टीम गठित की। टीम में नायब तहसीलदार सादुल्ला खा, पालिका अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव व कोतवाली प्रभारी अजीत सिंह शामिल थे। टीम ने बुधवार की शाम चोरी से उखाड़ी गईं ईंटें आजाद नगर वार्ड नंबर-14 में अंजुमन इस्लामिया मदरसा से बरामद की हैं।

वही जांच टीम ने मौके पर पालिका कर्मचारियों को बुलाकर ट्रैक्टर से ईंटें भरवाकर नगर पालिका के गोदाम में रखवा दी है। फिलहाल अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव का कहना है कि सड़क से उखाड़ी गई ईंटें बरामद कर ली गई हैं। ईंटें पालिका परिसर में रखवाई जा रही हैं। जल्द की उच्चाधिकारियों से बात कर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। वही दूसरी तरफ सड़क से चोरी छुपे उखाड़ी गईं इंटरलॉकिंग ईंटों के मदरसे से बरामद होने के बाद कोतवाली पुलिस इलाके के सीसीटीवी कैमरे खंगालने में जुट गई है। वही मामले में सीओ परमेश्वर प्रसाद का कहना है कि मामले में ईओ के माध्यम से शिकायती पत्र मिला है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।









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