देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 8 जनवरी 2026 को राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में देहरादून जनपद के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए आपसी समन्वय, समयबद्ध कार्यान्वयन, दस्तावेज सत्यापन, अतिक्रमण हटाने और नवाचार आधारित विकास पर बल दिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में चल रहे विकास कार्यों को गति प्रदान करना और जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना था।

निर्माण कार्यों में समन्वय और गुणवत्ता पर फोकस
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों के दौरान बिजली, पानी, गैस पाइपलाइन और अन्य भूमिगत सुविधाओं को संबंधित विभाग आपसी समन्वय से समय पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि बार-बार सड़कें खोदने से जनता को परेशानी होती है, इसलिए सभी कार्य एक साथ और निर्धारित समयावधि में पूरे किए जाएं। सभी विभागों को वर्ष भर के प्रस्तावित कार्यों की सूची तैयार करने और जिलाधिकारी को ठोस कार्ययोजना के आधार पर अनुमति देने के निर्देश दिए गए। आंतरिक सड़कों के रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
देहरादून में चल रहे प्रमुख प्रोजेक्ट्स जैसे रिस्पना एवं बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर, पांवटा साहिब-बल्लूपुर फ्लाईओवर (जो अंतिम चरण में है), दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ी ग्रीनफील्ड सड़क और अन्य लोक निर्माण विभाग के चार बड़े प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री ने इनकी समयबद्ध पूरा होने पर जोर दिया। इन परियोजनाओं से देहरादून की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी सुधार आया है, जिससे पर्यटन और दैनिक आवागमन में वृद्धि हुई है।
दस्तावेज सत्यापन और अतिक्रमण मुक्त अभियान में सख्ती
बैठक में महत्वपूर्ण दस्तावेजों जैसे आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर और बिजली बिलों के नियमित सत्यापन पर विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गलत तरीके से बने दस्तावेजों को तुरंत निरस्त किया जाए और जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि जनपद में 3,58,536 राशन कार्डों में से 2,81,366 का सत्यापन हो चुका है और 5,590 कार्ड निरस्त किए गए। इसी तरह 12,06,960 आयुष्मान कार्डों में से 1,36,676 सत्यापित कर 9,428 निरस्त हुए।
अतिक्रमण हटाने के मामले में जिला प्रशासन, वन विभाग, एमडीडीए और नगर निगम को निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। अब तक 57 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि में से 47 हेक्टेयर को मुक्त कराया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिक्रमण न केवल विकास में बाधा है बल्कि सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग भी, इसलिए इस पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए।

नवाचार और भविष्योन्मुखी विकास की दिशा
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों से कहा कि नियमित कार्यों के साथ-साथ नवाचार आधारित विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दें। सड़क विस्तार और कॉरिडोर सुधार से शहर की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों की संख्या बढ़ेगी। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए जनप्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर योजनाएं बनाई जाएं। देहरादून को स्मार्ट और सस्टेनेबल शहर बनाने की दिशा में नवीन तकनीकों का उपयोग करने पर जोर दिया गया।
जनहित, शीतकालीन तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पात्र लाभार्थियों तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे, यह सरकार की प्राथमिकता है। पारदर्शिता, समयबद्धता और जनहित को सर्वोच्च रखते हुए कार्य करने को कहा गया।
शीतकाल को ध्यान में रखते हुए महिलाओं और बुजुर्गों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतने, रैन बसेरों में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रमुख चौराहों पर अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। पुलिस को यातायात प्रबंधन, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता व रैंडम चेकिंग पर फोकस करने को कहा गया।
कैबिनेट मंत्री एवं प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने सभी विभागों से आपसी समन्वय और साइबर अपराध नियंत्रण में प्रभावी प्रयास करने पर बल दिया।

जिलाधिकारी की प्रगति रिपोर्ट और अन्य उपलब्धियां
जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि समान नागरिक संहिता के तहत 61 हजार पंजीकरण हो चुके हैं। सीएम हेल्पलाइन पर 7,662 शिकायतों में से 6,480 का निस्तारण हुआ। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला चिकित्सालय गांधी शताब्दी में मॉडल टीकाकरण केंद्र, रक्त गरुड़ वाहन सेवा और 12 बेडेड एसएनसीयू स्थापित की गई। शिक्षा में प्रोजेक्ट उत्कर्ष के तहत सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाएं और खेल सामग्री प्रदान की गई। बाल भिक्षावृत्ति निवारण में 267 बच्चों का रेस्क्यू कर 154 को मुख्यधारा से जोड़ा गया। नंदा-सुनंदा परियोजना से 93 बालिकाओं को 33 लाख की सहायता दी गई। शहर के चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण और परेड ग्राउंड, तिब्बती मार्केट व दून अस्पताल में ऑटोमेटिक पार्किंग का निर्माण पूरा हुआ।
बैठक में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, बृज भूषण गैरोला, मेयर सौरभ थपलियाल व ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, मुख्य नगर आयुक्त नामामि बंसल सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








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