देहरादून, 11 फरवरी 2026 – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून स्थित सेन्ट्रियो मॉल, हाथीबड़कला में गौ-संरक्षण पर आधारित फिल्म ‘गौदान’ का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने फिल्म की विषयवस्तु को भारतीय संस्कृति, ग्राम्य जीवन और गौ-संवर्धन की परंपरा से जुड़ा अत्यंत सार्थक एवं प्रेरणादायी प्रयास करार दिया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने इस फिल्म को उत्तराखंड में टैक्स-फ्री कर दिया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसे देख सकें और गौ-संरक्षण के प्रति जागरूकता का व्यापक प्रसार हो सके।

मुख्यमंत्री का मुख्य संदेश
फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा:
“भारतीय संस्कृति में गौ माता को विशेष स्थान प्राप्त है। गाय केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि, पोषण एवं पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला भी है। ‘गौदान’ जैसी फिल्में समाज में गौ-संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।”
उन्होंने आगे कहा:
“यह फिल्म गौ-संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आधारित है, इसलिए राज्य सरकार ने इसे टैक्स-फ्री करने का निर्णय लिया है। यह कदम समाज में सकारात्मक संदेश देने वाली फिल्मों को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

गौ-संरक्षण और राज्य सरकार की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में गौ-संरक्षण एवं संवर्धन के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। प्रमुख पहलें:
- गौशालाओं का सुदृढ़ीकरण और निराश्रित गोवंश का संरक्षण
- पशुपालकों को प्रोत्साहन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा
- गौ-आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त करके ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता बढ़ाना
उन्होंने कहा कि गाय के गोबर और गोमूत्र से बने उत्पादों को बढ़ावा देकर जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण दोनों को मजबूती मिल रही है।

उत्तराखंड को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास
मुख्यमंत्री ने फिल्म के निर्माता श्री विनोद कुमार चौधरी और पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि कला, साहित्य और संस्कृति की समृद्ध धरोहर रही है। राज्य सरकार उत्तराखंड को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रभावी फिल्म नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत:
- फिल्म निर्माताओं को आकर्षक सब्सिडी
- सिंगल विंडो क्लीयरेंस
- शूटिंग हेतु सरल अनुमति प्रक्रिया
- स्थानीय कलाकारों एवं तकनीशियनों को प्रोत्साहन
नई फिल्म नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और राज्य में फिल्मांकन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा:
“उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक वातावरण, पर्वतीय संस्कृति एवं विविध लोकेशन फिल्मांकन के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं। सरकार का उद्देश्य है कि अधिकाधिक फिल्में प्रदेश में शूट हों, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों और पर्यटन को भी नई गति मिले।”

फिल्म विकास परिषद और स्टूडियो विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा फिल्म विकास परिषद को सशक्त किया गया है तथा फिल्म स्टूडियो एवं आधारभूत संरचना के विकास की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ‘गौदान’ जैसी प्रेरक फिल्में समाज को सकारात्मक संदेश देंगी, गौ-संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाएंगी तथा उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
मौके पर मौजूद प्रमुख लोग
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री गणेश जोशी, श्रीमती रेखा आर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि, फिल्म निर्माता श्री विनोद कुमार चौधरी, पूरी टीम और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।
उत्तराखंड में सिनेमा और संस्कृति का नया अध्याय
यह घटना उत्तराखंड सरकार की दोहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है – एक ओर गौ-संरक्षण और संस्कृति को बढ़ावा, दूसरी ओर राज्य को फिल्म निर्माण का हब बनाने की दिशा में ठोस कदम। ‘गौदान’ जैसी फिल्में न केवल मनोरंजन देती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक मूल्यों को भी स्थापित करती हैं।
आपको क्या लगता है – क्या गौ-संरक्षण पर बनी ऐसी फिल्में समाज में बदलाव ला सकती हैं?
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