देहरादून, 20 अक्टूबर 2025: दीपों के पर्व दीपावली के पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने संवेदनशीलता, करुणा और अपनत्व का अनूठा उदाहरण पेश किया। उन्होंने देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में स्थित मझाड़ा गाँव में आपदा प्रभावित परिवारों के बीच जाकर दीपावली मनाई। इस दौरान उन्होंने काली गाड़, मझाड़ा गाँव और सहस्त्रधारा के आपदा प्रभावित लोगों से मुलाकात की, उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल उनकी मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी प्रदर्शित करता है कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों के साथ हर कदम पर मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। ग्रामवासियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने रिवर ट्रेनिंग और गांव की सुरक्षा के लिए दीवार निर्माण को प्राथमिकता देने का आदेश दिया। यह कदम क्षेत्र में भविष्य में आपदा से सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

“आपदा प्रभावितों की पीड़ा हमारी पीड़ा”
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के बीच जाकर उनका हालचाल जाना और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा, “दीपावली केवल रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि संवेदनाओं, एकता और उम्मीद का प्रतीक है। हमारा कर्तव्य है कि हम आपदा प्रभावितों के जीवन में भी मुस्कान और आशा की ज्योति जलाएं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित लोगों के पुनर्वास और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पुनर्वास और राहत के लिए ठोस कदम
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। विशेष रूप से बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सरकार द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। जिन परिवारों के घर आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। इसके अतिरिक्त, जो परिवार वर्तमान में किराए के मकानों में रह रहे हैं, उनके लिए किराए के भुगतान की व्यवस्था भी निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित की जाएगी।

स्थानीय लोगों में उत्साह और विश्वास
मुख्यमंत्री के इस मानवीय कदम से मझाड़ा गाँव और आसपास के क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों में खुशी और उत्साह का माहौल देखा गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री का उनके बीच आकर दीपावली मनाना और उनकी समस्याओं को सुनना उनके लिए भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक रूप से बहुत बड़ा सहारा है। एक ग्रामवासी ने कहा, “मुख्यमंत्री जी का हमारे बीच आना और हमें यह विश्वास दिलाना कि सरकार हमारे साथ है, हमारे लिए बहुत मायने रखता है। यह हमें कठिन समय में हौसला देता है।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, गढ़वाल कमिश्नर श्री विनय शंकर पांडे और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
संवेदनशीलता और नेतृत्व का प्रतीक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह कदम न केवल उनकी संवेदनशीलता और नेतृत्व को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि उत्तराखंड सरकार अपने नागरिकों के सुख-दुख में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। दीपावली के इस अवसर पर आपदा प्रभावितों के बीच समय बिताकर उन्होंने यह संदेश दिया कि सरकार की प्राथमिकता जनता की भलाई और पुनर्वास है। यह पहल निश्चित रूप से प्रभावित परिवारों के लिए नई उम्मीद और विश्वास लेकर आई है।








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