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फरीदपुर हत्या कांड: दोस्ती के भरोसे बुलाकर मार दी गोली, पोस्टमार्टम ने खोला सनसनीखेज राज

फरीदपुर हत्या कांड: दोस्ती के भरोसे बुलाकर मार दी गोली, पोस्टमार्टम ने खोला सनसनीखेज राज

बरेली के फरीदपुर में 19 साल के जुनैद की बेरहमी से हत्या, 50 हजार उधार का लेन-देन बना कारण?

बरेली के फरीदपुर में दोस्ती की आड़ में हुई एक क्रूर हत्या ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। 19 वर्षीय युवक जुनैद की नृशंस हत्या का मामला सामने आया है, जहां उसके करीबी दोस्त लवी ने दावत का बहाना बनाकर उसे बुलाया और नजदीक से गोली मार दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस सनसनीखेज राज को उजागर किया है, जिसमें सिर में गोली लगने की पुष्टि हुई। पुलिस ने लवी और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है, और जांच में 50 हजार रुपये के उधार का लेन-देन भी मुख्य सुराग के रूप में उभर रहा है। यह घटना न केवल परिवार को तोड़ रही है, बल्कि दोस्ती के नाम पर विश्वासघात की कड़वी सच्चाई को भी सामने ला रही है।

फरीदपुर हत्या कांड: दोस्ती के भरोसे बुलाकर मार दी गोली, पोस्टमार्टम ने खोला सनसनीखेज राज

घटना का विवरण: दावत का बहाना, मौत का अंत

यह दर्दनाक घटना शनिवार रात को घटी। जुनैद के पिता नन्हे के अनुसार, लवी ने जुनैद को दावत का न्योता दिया और उसे अपने साथ ले गया। देर रात तक जब जुनैद घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने फोन किया। पहले लवी ने कहा कि वह जुनैद को छोड़ देगा, लेकिन कुछ देर बाद फोन बंद हो गया। जुनैद का भाई फहीम ने दोबारा कॉल किया, तो फोन किसी अज्ञात व्यक्ति ने उठाया और धमकी दी—”बार-बार फोन किया तो गोली मार देंगे।” इसी कॉल के दौरान जुनैद की डरी हुई आवाज “पापा” सुनाई दी, जो उसके जीवन का आखिरी शब्द साबित हुआ।

रविवार सुबह ग्राम हजियापुर के पास नहर पुलिया के नीचे जुनैद का शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सोमवार को नम आंसुओं के बीच जुनैद को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पिता नन्हे ने बताया, “लवी को हम बेटा समान मानते थे। तीन महीने पहले ही उसने जुनैद से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। हमने कभी सोचा नहीं था कि दोस्ती ऐसी काली साजिश बनेगी।” परिवार का आरोप है कि लवी ने पैसे लौटाने से इनकार करने पर यह कदम उठाया।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट: सिर में गोली का खुलासा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया। रिपोर्ट के अनुसार, जुनैद की मौत सिर में नजदीक से मारी गई गोली से हुई। गोली का एंगल बताता है कि हत्यारा बहुत करीब था, जो दोस्ती के विश्वास को धोखा देता है। थाना फरीदपुर पुलिस ने शव बरामद करते ही FIR दर्ज की और फॉरेंसिक टीम को बुलाया। इंस्पेक्टर राधेश्याम सिंह ने बताया, “घटना स्थल पर खून के धब्बे और कारतूस मिले हैं। जांच में तकनीकी पहलुओं पर फोकस है—मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स, और पैसों का लेन-देन। लवी फरार है, लेकिन जल्द गिरफ्तार होगा।”

पुलिस का कहना है कि जुनैद और लवी के बीच पुराना विवाद था। लवी ने धमकी भरे कॉल रिकॉर्ड्स भी छिपाने की कोशिश की, लेकिन फोन लोकेशन से साफ हो गया कि घटना उसी जगह हुई जहां कॉल आया था। परिवार ने मांग की है कि लवी के साथियों को भी पकड़ा जाए, क्योंकि यह अकेले का काम नहीं लगता।

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परिवार का दर्द: विश्वासघात की कथा

जुनैद का परिवार अब सदमे में है। पिता नन्हे ने कहा, “मेरा बेटा मेहनती था, गांव में सबका लाड़ला। लवी ने पैसे के लालच में दोस्ती तोड़ दी।” जुनैद की मां ने रोते हुए बताया, “उसकी आखिरी आवाज ‘पापा’ सुनकर दिल टूट गया। हम न्याय चाहते हैं।” गांव में शोक का माहौल है, और लोग दोस्ती के नाम पर विश्वासघात की निंदा कर रहे हैं। स्थानीय संगठनों ने पुलिस से तेज जांच की मांग की है।

यह घटना बरेली जिले में अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करती है। फरीदपुर जैसे छोटे कस्बों में युवाओं के बीच पैसों के लेन-देन से विवाद आम हैं, लेकिन हत्या तक पहुंचना दुर्भाग्यपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि सामुदायिक जागरूकता और काउंसलिंग से ऐसे विवाद रोके जा सकते हैं।

पुलिस जांच: सुरागों का पीछा

पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मुख्य सुराग 50 हजार रुपये का उधार है, जो तीन महीने पुराना है। कॉल रिकॉर्ड्स से पता चला कि लवी ने घटना से पहले कई धमकी भरे मैसेज भेजे थे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कारतूस और फिंगरप्रिंट्स रिकवर किए हैं। इंस्पेक्टर सिंह ने कहा, “हमारा फोकस लवी को जल्द पकड़ना है। अगर कोई और शामिल है, तो वो भी बचेगा नहीं। परिवार को न्याय मिलेगा।”

इस मामले ने स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है। एसएसपी ने विशेष टीम गठित की है, और गांव में पैट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।

दोस्ती का विश्वासघात, न्याय की मांग

फरीदपुर हत्या कांड दोस्ती के काले पहलू को उजागर करता है। जुनैद की मौत न केवल एक परिवार का दर्द है, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी। पुलिस की जांच से सच्चाई सामने आएगी, लेकिन परिवार को न्याय मिलना चाहिए। क्या तुम्हें लगता है कि ऐसे मामलों में सख्त कानून की जरूरत है? कमेंट में अपनी राय साझा करें और इस खबर को शेयर करें

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