हरिद्वार, 18 फरवरी 2026 – हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की गंभीर धमकी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हाई अलर्ट पर आ गई हैं। ई-मेल के माध्यम से प्राप्त धमकी के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर तत्काल सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। एसपी सिटी के नेतृत्व में बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और सिडकुल पुलिस की संयुक्त टीम ने पूरे कोर्ट परिसर को छान मारा।

क्या हुआ सर्च ऑपरेशन में?
- सुबह से ही कोर्ट परिसर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति और वाहन की गहन जांच की गई।
- मेटल डिटेक्टर, हैंडहेल्ड स्कैनर और अन्य तकनीकी उपकरणों से हर कोने को खंगाला गया।
- कोर्ट के मुख्य द्वार, पार्किंग, गैलरियां, जजमेंट हॉल और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सर्च किया गया।
- पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक की जांच में कोई संदिग्ध सामग्री या विस्फोटक नहीं मिला है।
- फिर भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है – अतिरिक्त फोर्स तैनात, सीसीटीवी मॉनिटरिंग बढ़ाई गई और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की पहचान अनिवार्य कर दी गई।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर का बयान
एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा:
“कोर्ट परिसर को मिली धमकी की सूचना मिलते ही हमने तुरंत हाई अलर्ट जारी किया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे परिसर की गहन जांच की गई। फिलहाल कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली है, लेकिन संवेदनशील स्थलों पर ऐसी धमकियों के बाद हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है। सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा और हर संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जाएगा। न्यायालय में आने वाले वकील, न्यायाधीश, पक्षकार और आमजन को सुरक्षित माहौल मिले, यही हमारी प्राथमिकता है।”
धमकी का स्रोत और जांच
धमकी ई-मेल के जरिए मिली थी, जिसकी जांच साइबर सेल और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से कर रही है। पुलिस ने बताया कि धमकी देने वाले का आईपी एड्रेस और अन्य डिटेल्स ट्रेस की जा रही हैं। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच तेजी से चल रही है।

कोर्ट परिसर में क्या स्थिति?
- कोर्ट का कामकाज सामान्य रूप से जारी है, लेकिन अतिरिक्त सुरक्षा के साथ।
- वकील और न्यायार्थी दोनों ही सतर्क हैं।
- कई वकीलों ने कहा कि ऐसी धमकियां न्याय व्यवस्था को प्रभावित नहीं कर सकतीं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि संवेदनशील स्थलों पर लगातार सतर्कता और तकनीकी निगरानी कितनी जरूरी है। हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसी किसी भी धमकी को हल्के में नहीं लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा पहले – हरिद्वार पुलिस का संकल्प
आपको क्या लगता है – क्या ई-मेल धमकियों पर और सख्त कानून की जरूरत है?






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